समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष आखिलेश यादव ने राम मंदिर के चंदा फंड में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए एसआईटी गठन पर योगी सरकार पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि इस साजिश की जड़ कहीं दूर नहीं, बल्कि आसपास ही है. साथ ही सपा प्रमुख ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की. शनिवार (14 जून) शाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आखिलेश ने लिखा कि इस षड्यंत्र का मूल दूर नहीं है… इसलिए सच में कार्रवाई करने के लिए कहीं दूर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. यदि दोषी के बारे में पता करने में पुलिस अक्षम तो हम सहायता कर दें.
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस महीने की शुरुआत में दावा किया था कि राम मंदिर के चढ़ावे में आए करोड़ों रुपये गायब हो गए हैं. उन्होंने इस मामले में अदालत से स्वतः संज्ञान लेने की मांग भी की थी. 7 जून को X पर किए गए एक पोस्ट में अखिलेश ने कहा था कि भगवान राम के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए यह बेहद संवेदनशील और चिंताजनक खबर है. उन्होंने आरोप लगाया कि चढ़ावे की रकम गायब होने की सूचना सामने आई है. अखिलेश ने इसे ट्रस्ट के लिए शर्मनाक स्थिति बताते हुए कहा था कि अब तक कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति इस मामले पर सफाई देने सामने नहीं आया है.
जांच टीम में कौन-कौन होंगे
अधिकारियों के अनुसार श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसआईटी गठित की गई है. यह टीम तीर्थ क्षेत्र में दानपात्रों के संबंध लगाए जा रहे आरोपों की जांच कर सरकार को अपनी रिपोर्ट देगा. एसआईटी में आईएएस अधिकारी के अलावा लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईपीएस अधिकारी व पुलिस महानिरीक्षक किरन एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं.
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सच सामने आना बेहद जरूरी : ट्रस्ट
जानकारी के मुताबिक, अयोध्या के राम मंदिर में दानपात्रों को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें फैल रही थीं. इसे गंभीरता से लेते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की निष्पक्ष जांच कराने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग की थी. ट्रस्ट का कहना है कि दानपात्रों को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों की सच्चाई सामने लाने के लिए जांच जरूरी है. ट्रस्ट के मुताबिक यह सिर्फ अफवाह नहीं, बल्कि तीर्थ क्षेत्र की छवि खराब करने और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने की एक बड़ी साजिश हो सकती है, इसलिए इसका सच सामने आना बेहद जरूरी है.
