एयर इंडिया फुकेत-दिल्ली फ्लाइट में एक साथ फेल हुए तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम? पायलट फेडरेशन ने बताई पूरी बात

एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट AI 379 में तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम के एक साथ फेल होने की अफवाह थी. इसपर फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने तकनीकी रूप से समझाया. जानें इस घटना के पीछे का कारण और पायलटों का रिएक्शन क्या है.

Air India Flight turbulance case : एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट AI 379 को लेकर जांच के बीच फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट के अध्यक्ष सीएस रंधावा ने घटना से जुड़ी तकनीकी जानकारी साझा की है.

उन्होंने बताया कि विमान जब ओडिशा के आसपास भारतीय हवाई क्षेत्र में था, उस दौरान क्रूजिंग के समय तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम कुछ समय के लिए फेल हो गए थे. उनके मुताबिक, हाइड्रोलिक सिस्टम में कम दबाव के कारण यह स्थिति बनी और इसे एक कंप्यूटर सिस्टम  ELAC (एलिवेटर एंड एलेरॉन कंप्यूटर) से जुड़ी खराबी ने ट्रिगर किया.

तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम क्यों होते हैं जरूरी?

रंधावा ने बताया कि विमान में हरे, पीले और नीले तीन हाइड्रोलिक सिस्टम होते हैं. हरे और पीले सिस्टम को इंजन से पावर मिलती है, जबकि नीला सिस्टम इलेक्ट्रिक मोटर से चलता है. हाइड्रोलिक्स विमान के फ्लाइट कंट्रोल, ब्रेक, फ्लैप, स्पॉयलर और स्पीड ब्रेक जैसे जरूरी हिस्सों को चलाने के लिए आवश्यक होते हैं. उन्होंने इसे कार के पावर स्टीयरिंग से समझाते हुए कहा कि हाइड्रोलिक सपोर्ट खत्म होने पर विमान के कंट्रोल्स को संभालना काफी मुश्किल हो जाता है.

उड़ान से पहले सब ठीक हो तो भी बीच हवा में हो सकती है खराबी

रंधावा के मुताबिक, विमान उड़ान भरने से पहले उसकी सर्विसेबिलिटी की जांच की जाती है. अगर किसी सिस्टम में खराबी मिलती है तो मिनिमम इक्विपमेंट लिस्ट (MEL) के तहत यह तय किया जाता है कि उस स्थिति में विमान उड़ान भर सकता है या नहीं. लेकिन उन्होंने कहा कि विमान के उड़ान भरने के बाद भी कोई मैकेनिकल या इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम कभी भी खराब हो सकता है. यानी टेकऑफ के समय विमान पूरी तरह ठीक होने के बावजूद बीच उड़ान में किसी सिस्टम में समस्या आ सकती है.

A320 में ट्रिपल हाइड्रोलिक फेल्योर कितना असामान्य?

फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स के अध्यक्ष ने कहा कि A320 में तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम का एक साथ फेल होना सामान्य स्थिति नहीं है. उन्होंने दावा किया कि ऐसी स्थिति के लिए पायलटों के पास कोई अलग इमरजेंसी चेकलिस्ट नहीं होती. किसी भी सिस्टम में खराबी आने पर पायलट आमतौर पर ECAM (इलेक्ट्रॉनिक सेंट्रलाइ्ज्ड एयरक्राफ्ट मॉनिटर) पर मिलने वाले चेतावनी संदेशों और इलेक्ट्रॉनिक चेकलिस्ट के आधार पर जरूरी कदम उठाते हैं. हालांकि, फ्लाइट में वास्तव में क्या हुआ और घटना की अंतिम वजह क्या थी, यह आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा.

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By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

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