नयी दिल्ली : एम्स( AIIMS) के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण से मृत्यु दर दूसरे देशों से काफी कम है. अगर हम बात इटली, स्पेन या फिर अमेरिका की करें, तो हमें अच्छी तरह से पता है कि वहां क्या हुआ है. सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरे दक्षिणपूर्वी देशों में मृत्यु दर कम है.
कम्युनिटी ट्रांसमिशन के बारे में रणदीप गुलेरिया ने कहा कि देश भर में यह हो रहा है इसके पर्याप्त सबूत नहीं हैं. लेकिन देश में कई हॉटस्पॉट हैं, शहरों में केस काफी बढ़ रहे हैं, जिससे ऐसा कहा जा सकता है कि वहां लोकल ट्रांसमिशन हो रहा है. यही वजह है कि हॉटस्पॉट में केस इतने ज्यादा सामने आ रहे हैं.
कई इलाके ऐसे हैं जो अपने चरम पर पहुंच चुके हैं, दिल्ली ने अपने चरम को छू लिया है यही वजह है कि वहां केस कम होने लगे हैं, लेकिन कई क्षेत्र ऐसे हैं जिसने अपने पीक को अभी नहीं छुआ है, इसलिए वहां अभी भी बढ़ रहे हैं. वे कुछ दिनों में अपने चरम पर होंगे.
रणदीप गुलेरिया ने बताया कि कोरोना वायरस के वैक्सीन का ह्यूमन ट्रॉयल चल रहा है. पहले फेज का ट्रॉयल 18-55 साल के स्वस्थ लोगों पर होगा. जिनपर ट्रॉयल होना है ऐसे 1125 लोगों का सैंपल एकत्र किया जायेगा. पहले चरण में 375 और दूसरे चरण में 750 लोगों के सैंपल का अध्ययन किया जायेगा.
ज्ञात हो कि दिल्ली के एम्स अस्पताल में भी देसी वैक्सीन Covaxin के ह्यूमन ट्रायल के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है. इस संबंध में ह्यूमन ट्रायल की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रिंसिपल इनवेस्टिगेटर डॉ संजय राय ने ऑल इंडिया रेडियो को बताया कि रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है और इस सप्ताह गुरुवार से कुछ लोगों को वैक्सीन का पहला डोज दिया जायेगा. बताया जा रहा है कि दिल्ली के एम्स में ह्यूमन ट्रायल का सैंपल साइज काफी बड़ा है और यहां के परीक्षण पर इस वैक्सीन का भविष्य तय किया जायेगा.
इधर देश में मृत्यु दर में कमी पर मैक्स अस्पताल के डॉक्टर बलबीर सिंह ने कहा है कि देश में अभी मृत्यु दर मात्र 2.5 प्रतिशत है. इसका कारण संभवत: यह है कि देश में हर्ड इम्युनिटी बढ़ रही है. देश में रिकवरी रेट 63 प्रतिशत से ज्यादा हो गयी है. अभी तक देश में जितने लोगों की मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत किसी अन्य बीमारी से पीड़ित रहे थे.
Posted By : Rajneesh Anand
