Agriculture: किसानों की आय बढ़ाने के लिए एफपीओ आयोजन में विशेषज्ञों ने किया मंथन

राष्ट्रीय एफपीओ समागम 2025 के जरिये किसानों को उत्पादक के साथ ही व्यापारी और उद्यमी बनाने के लिए 24 राज्यों और 140 जिलों के 500 से अधिक प्रगतिशील किसान, एफपीओ, क्रियान्वयन एजेंसी (आईए) और क्लस्टर-आधारित व्यावसायिक संगठन (सीबीबीओ) के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं.

Agriculture: केंद्र सरकार देश के किसानों को सशक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए है. किसानों को आत्मनिर्भर और आर्थिक तौर पर सशक्त करने के लिए किसान उत्पादक संगठन(एफपीओ) बनाने को प्राथमिकता दी गयी है. गुरुवार को इस बाबत केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रीय एफपीओ समागम 2025 का शुभारंभ किया. इस आयोजन में 24 राज्यों और 140 जिलों के 500 से अधिक प्रगतिशील किसान, एफपीओ, क्रियान्वयन एजेंसी (आईए) और क्लस्टर-आधारित व्यावसायिक संगठन (सीबीबीओ) के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं. 


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह ने किसानों, एफपीओ सदस्यों और सहभागी संस्थाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि एफपीओ के जरिये किसानों को उत्पादक के साथ ही व्यापारी और उद्यमी बनाना जरूरी है. प्रधानमंत्री का साफ संदेश है कि देश के किसान हित से कोई समझौता नहीं होना चाहिए. देश के लोगों की आजीविका के साथ ही खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में खेती का अहम योगदान है. किसानों के फायदे के लिए इंटीग्रेटेड फार्मिंग जरूरी है.


किसानों को फसल का उचित मूल्य मिलना जरूरी


शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि मंत्री के तौर पर किसानों को उनकी कड़ी मेहनत से उगाई गई फसल की अच्छी कीमत मुहैया कराना सरकार की जिम्मेदारी है. किसान दिन रात अथक परिश्रम करके फसल उगाते है, कई बार उन्हें समुचित कीमत नहीं मिलती है. इस समस्या को दूर करना सरकार की प्राथमिकता है. किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए बीज कानून लाने पर विचार किया जा रहा है. इस कानून का मकसद किसानों को गुणवत्ता वाले बीज मुहैया कराना है. नकली, घटिया बीज और पेस्टीसाइड के मामले में सरकार सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी. 


एफपीओ कार्यक्रम में 267 एफपीओ द्वारा अनाज, तिलहन, दाल, फल, सब्जियां, जैविक, प्रसंस्कृत व पारंपरिक उत्पादों की भव्य प्रदर्शनी लगाई गई हैं. कार्यक्रम में तिलहन उत्पादन, जल उपयोग दक्षता, प्राकृतिक खेती, कृषि अवसंरचना कोष, शहद उत्पादन, डिजिटल मार्केटिंग, एगमार्क प्रमाणन, बीज उत्पादन जैसे अनेक तकनीकी सत्रों और पैनल चर्चाओं का आयोजन किया गया है, जिनमें कृषि विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि और किसान संगठन से जुड़े लोग शामिल हुए. 

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Published by: Anjani kumar singh

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