AAP: विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाने के पीछे आप की मंशा पर उठ रहे सवाल

चुनाव परिणाम की घोषणा से पहले ही भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है. गुरुवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त करने का आरोप लगाया. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि अभी कौन विधायक बनेगा यह तय नहीं है.

AAP: दिल्ली विधानसभा चुनाव की मतगणना शनिवार को होगी, जिसमें यह तय होगा कि दिल्ली की सत्ता पर आम आदमी पार्टी की वापसी होगी या भाजपा 27 साल बाद चुनाव जीतने में कामयाब होगी. चुनाव परिणाम की घोषणा से पहले ही भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है. गुरुवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा पर विधायकों के खरीद-फरोख्त करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पार्टी के सात विधायकों को भाजपा में शामिल होने के लिए संपर्क किया गया है और उन्हें इसके एवज में 15 करोड़ रुपये देने की पेशकश की गयी है. भाजपा के इस प्रयास से ऐसा लगता है कि चुनाव परिणाम आने से पहले ही वे हार मान चुके हैं.

सांसद ने कहा कि एक बार फिर आम आदमी पार्टी चुनाव जीत रही है और अरविंद केजरीवाल का मुख्यमंत्री बनना तय है. आम आदमी पार्टी ने विधायकों को भाजपा द्वारा आने वाले फोन की रिकॉर्डिंग करने और मुलाकात होने पर खुफिया कैमरे से वीडियो बनाने को कहा गया है. गौरतलब है कि चुनाव के दौरान टिकट कटने वाले 8 विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे. आम आदमी पार्टी पूर्व में भी भाजपा पर विधायकों को खरीदने का आरोप लगा चुकी है. ऐसे ही एक मामले में भाजपा की ओर से आम आदमी पार्टी के नेताओं के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जा चुका है.


आखिर ऐसे बयान का क्या है मकसद

दिल्ली में मतगणना 8 फरवरी को होगी. अभी तय नहीं है कौन विधायक बनेगा और किस दल की सरकार बनने वाली है. विधायक बनने के बाद भी कोई अपनी मर्जी से दूसरी पार्टी में शामिल नहीं हो सकता है. ऐसा करने पर दल-बदल कानून के तहत सदस्यता खत्म हो सकती है. ऐसे में मतगणना से पहले विधायकों की खरीद-फरोख्त की बात कर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं को यह संदेश देना चाहती है कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने वाली है ताकि मतगणना तक कार्यकर्ताओं का उत्साह बरकरार रखा जा सके. नजदीकी मुकाबले में कई सीटों पर जीत-हार का अंतर काफी कम होता है. ऐसी सीटों पर किसी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए कार्यकर्ताओं का सक्रिय होना जरूरी है. मतदान के दौरान देखा गया कि पहले की तरह आप के कार्यकर्ता सक्रिय नहीं थे. सूत्रों का कहना है कि जमीनी स्तर पर पार्टी को मिले फीडबैक में अधिकांश सीटों पर कड़ा मुकाबला होने की बात का पता चला है.

वहीं अधिकांश एग्जिट पोल में भाजपा की सरकार बनने की संभावना जतायी गयी है और एग्जिट पोल आंकड़ों से आम आदमी पार्टी के कैंप में निराशा का माहौल है. ऐसे में मतगणना से पहले ऑपरेशन लोटस की बात को हवा देकर संजय सिंह यह जताने की कोशिश कर रहे हैं कि आम आदमी पार्टी चुनाव जीत रही है और भाजपा खरीद-फरोख्त की कोशिश में जुटी हुई है. आम आदमी पार्टी इस आरोप के जरिए भाजपा पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है. वहीं भाजपा का कहना है कि हार की हताशा में आम आदमी पार्टी बेतुके आरोप लगा रही है. आप की आदत दूसरों पर झूठे आरोप लगाने की है. इसके लिए पार्टी को सबूत पेश करना चाहिए. 

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Published by: Vinay tiwari

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