AAP: विधायक खरीद-फरोख्त मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो की हुई एंट्री

आम आदमी पार्टी के विधायकों को खरीदने के आरोप पर भाजपा की शिकायत पर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली पुलिस की एंटी करप्शन ब्यूरो को जांच के आदेश दिए. इस आदेश के बाद पुलिस आप संयोजक अरविंद केजरीवाल, आप सांसद संजय सिंह और अन्य नेताओं से पूछताछ करने के लिए उनके आवास पहुंची, लेकिन एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम उनका बयान दर्ज नहीं कर सकी.

AAP: दिल्ली विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले में राजनीति तेज हो गयी है. आम आदमी पार्टी के विधायकों को खरीदने के आरोप पर भाजपा की शिकायत पर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली पुलिस की एंटी करप्शन ब्यूरो को जांच के आदेश दिए. इस आदेश के बाद पुलिस आप संयोजक अरविंद केजरीवाल, आप सांसद संजय सिंह और अन्य नेताओं से पूछताछ करने के लिए उनके आवास पहुंच गयी. हालांकि अरविंद केजरीवाल के आवास के अंदर एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम नहीं जा सकी और उनका बयान दर्ज नहीं हो पाया. आम आदमी पार्टी का कहना है कि एसीबी की टीम बिना नोटिस के केजरीवाल के आवास पर पहुंची है.

ऐसे में एसीबी की टीम को बयान दर्ज करने का अधिकार नहीं है. इस आरोप के बीच केजरीवाल की अध्यक्षता में सभी 70 सीटों के पार्टी उम्मीदवार के साथ बैठक की और मतगणना के दौरान की रणनीति पर विचार किया गया. दिल्ली चुनाव को लेकर जारी अधिकांश एग्जिट पोल में आम आदमी पार्टी के हारने की संभावना जतायी गयी है. पार्टी का दावा है कि एग्जिट पोल के सभी नतीजे गलत साबित होंगे और एक बार फिर आम आदमी पार्टी की सरकार बड़े बहुमत के साथ सरकार बनाएगी.


क्या हार के बहाने बनाने के लिए लगाया गया है आरोप

मतगणना के बाद तय होगा कि कौन विधायक बनेगा और कौन नहीं है. ऐसे में मतगणना से पहले विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाना हास्यास्पद लगता है. पूर्व में भी आम आदमी पार्टी ऐसे आरोप लगा चुकी है, लेकिन आरोपों के एवज में कोई सबूत पेश नहीं कर पायी है. आम आदमी पार्टी का पुराना रवैया आरोप लगाकर सनसनी फैलाने का रहा है. लेकिन इस रणनीति के कारण अब आम लोगों भी पार्टी के आरोपों को गंभीरता से नहीं लेते हैं. जानकारों का कहना है कि चुनाव में हार की आशंका को देखते हुए आम आदमी पार्टी ने सोची-समझी रणनीति के तहत विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया है.

पार्टी को लगता है कि अगर चुनाव में हार मिलती है तो वह चुनाव में धांधली का आरोप लगाएगी. भाजपा का कहना है कि आम आदमी पार्टी को विधायकों के खरीद-फरोख्त के मामले में सबूत देना चाहिए. अगर आम आदमी पार्टी ऐसा नहीं करती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी. आम आदमी पार्टी की आरोप लगाने की राजनीति भी हार का एक अहम कारण हो सकती है. पूर्व में झूठे आरोप लगाने में मामले में अरविंद केजरीवाल ने कई नेताओं से सार्वजनिक माफी मांगी है. 

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Author: Vinay Tiwari

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