AAP: अमेरिकी टैरिफ का जवाब देने की बजाय केंद्र सरकार अमेरिका के कपास को दे रही है छूट

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी अमेरिकी टैरिफ के मुद्दे पर केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कि अमेरिकी की मनमानी के खिलाफ भारत सरकार को भी सख्त कदम उठाना चाहिए. लेकिन भारत सरकार की मंशा साफ नहीं है. केजरीवाल ने कहा कि अमेरिकी दबाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका से आने वाले कपास पर 11 फीसदी ड्यूटी को हटाने का फैसला लिया है. यह फैसला देश के किसानों के साथ धोखा है.

AAP: भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर गतिरोध बना हुआ है. अमेरिका पहले ही भारतीय उत्पाद पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा कर चुका है और रूस से तेल खरीदने पर रोक लगाने की मांग को अस्वीकार करने के बाद 27 अगस्त से अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ लगा चुका है. अमेरिकी टैरिफ से निपटने के लिए केंद्र सरकार की ओर से कई कदम उठाए गए है. अमेरिका टैरिफ से टेक्सटाइल, लेदर, डायमंड जैसे उद्योग पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है. देश में रोजगार मुहैया कराने में टेक्सटाइल उद्योग का सबसे अहम योगदान है.

ऐसे में अमेरिकी टैरिफ से निपटने के लिए केंद्र सरकार की ओर से वैकल्पिक बाजार की तलाश की गयी है ताकि इससे देश के उद्योगों को अमेरिकी टैरिफ से नुकसान नहीं उठाना पड़ा. हालांकि विपक्ष की ओर से अमेरिकी टैरिफ लगाने के फैसले को सरकार की विदेश नीति की विफलता के तौर पर पेश किया जा रहा है. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा देश के लोगों को भुगतना होगा. इस बीच गुरुवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी अमेरिकी टैरिफ के मुद्दे पर केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कि अमेरिकी की मनमानी के खिलाफ भारत सरकार को भी सख्त कदम उठाना चाहिए. लेकिन भारत सरकार की मंशा साफ नहीं है.

केजरीवाल ने कहा कि अमेरिकी दबाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका से आने वाले कपास पर 11 फीसदी ड्यूटी को हटाने का फैसला लिया है. यह फैसला देश के किसानों के साथ धोखा है. अमेरिकी कपास के भारत आने से देश के कपास किसानों को नुकसान उठाना होगा. हालांकि सरकार का यह फैसला सिर्फ 30 सितंबर के लिए है और सरकार का कहना है कि घरेलू कपड़ा उद्योग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. 

भ्रष्टाचार के मामले में कांग्रेस और भाजपा के बीच है मिलीभगत

पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को फंसाने का काम कर रही है. लेकिन कांग्रेस नेताओं के भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा सरकार का रवैया हमेशा से नरम रहा है. ऐसा लगता है कि सत्ता में बने रहने के लिए कांग्रेस और भाजपा एक-दूसरे को बचाने के लिए मिलकर काम करते हैं. केजरीवाल ने कहा कि विपक्ष की एकता के लिए इंडिया गठबंधन बनाया गया, लेकिन अहम मौके पर कांग्रेस की ओर से विपक्ष की एकता को कमजोर करने का प्रयास किया गया. विपक्ष के नेताओं को झूठे मामले में जेल भेजा गया, लेकिन नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी, जबकि इस मामले में गांधी परिवार के खिलाफ ठोस सबूत मौजूद है.

दिल्ली में आप सरकार की हार पर केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली की जनता अब आप सरकार के कामकाज को याद कर रही है. भाजपा सरकार बनने के बाद दिल्ली में बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की घोर कमी हो गयी है. आने वाले समय में भाजपा सरकार दिल्ली में मुफ्त बिजली की योजना को बंद करने का काम करेगी.

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By Vinay Tiwari

Vinay Tiwari is a contributor at Prabhat Khabar.

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