कश्‍मीर मामले पर विधानसभा में हंगामा, अशांति से हुआ 16,000 करोड़ का नुकसान

जम्मू : कश्मीर घाटी में जारी अशांति को लेकर आज भी विधानसभा में जमकर हंगामा हो रहा है. विपक्ष मामले को लेकर लगातार सत्ता रूढ दल पर निशाना साध रहा है. आज भी विपक्षी दल के विधायक अपनी सीट पर खड़े हुए और सरकार की खामियों को गिनाया. इससे पहले कांग्रेस विधायकों की नारेबाजी पर […]

जम्मू : कश्मीर घाटी में जारी अशांति को लेकर आज भी विधानसभा में जमकर हंगामा हो रहा है. विपक्ष मामले को लेकर लगातार सत्ता रूढ दल पर निशाना साध रहा है. आज भी विपक्षी दल के विधायक अपनी सीट पर खड़े हुए और सरकार की खामियों को गिनाया. इससे पहले कांग्रेस विधायकों की नारेबाजी पर अध्यक्ष की टिप्पणी को लेकर विपक्ष ने मंगलवार को कामकाज बाधित किया. अध्यक्ष कविंद्र गुप्ता ने कहा था कि सदन में लगाये गये राष्ट्र विरोधी नारे ‘कश्मीर बनेगा पाकिस्तान’ से विपक्ष ने सदन की गरिमा को कम किया है. आरोप का खंडन करते हुए विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी की और प्रश्नकाल बाधित किया.

अशांति से 16,000 करोड़ का नुकसान

कश्मीर घाटी में पांच महीने की अशांति के दौरान जम्मू-कश्मीर को 16,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है. ऐसा आर्थिक गतिविधियों को ठप पड़ने और करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति की क्षति के कारण हुआ. जम्मू-कश्मीर विधानसभा में वर्ष 2016 का आर्थिक सर्वेक्षण पेश करते हुए मंगलवार को वित्त मंत्री हसीब द्राबू ने इसकी जानकारी दी. आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि घाटी में आठ जुलाई से 30 नवंबर, 2016 तक नागरिकों को बहुत अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जान गंवानी पड़ी, आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह ठप पड़ गयी और करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति नष्ट हो गयी. अशांति के दौरान लंबे समय तक इंटरनेट, मोबाइल और फोन सेवाओं को ठप रखने से राज्य में संचार व्यवस्था बहुत मुश्किल हो गयी थी.

छात्रों को व्यापक नुकसान

आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि घाटी में अशांति का शिक्षा क्षेत्र पर व्यापक असर हुआ, जिससे छात्रों को ‘अपूरणीय क्षति हुई है. जम्मू-कश्मीर बोर्ड परीक्षाओं द्वारा 10वीं और 12वीं कक्षाओं की परीक्षाओं में कुल पाठ्यक्रम का सिर्फ 50 प्रतिशत ही पूरा हो सका. अशांति के दौरान 31 स्कूलों को आग के हवाले कर दिया गया और 17 स्कूल पूरी तरह से जल गये, जबकि 14 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए. शिक्षा विभाग और स्थानीय लोगों ने 15 स्कूलों को जलाये जाने से बचा लिया गया.

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