9 PM 9 Minute : प्रधानमंत्री की नौ मिनट घरों की रोशनी बंद करने से ग्रिड पर कोई असर नहीं, सबकुछ सामान्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर रविवार को रात नौ बजे से नै मिनट के लिये देश भर में घरों के बल्ब और ट्यूबलाइट बंद होने से बिजली ग्रिड पर कोई असर नहीं पड़ा.

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर रविवार को रात नौ बजे से नै मिनट के लिये देश भर में घरों के बल्ब और ट्यूबलाइट बंद होने से बिजली ग्रिड पर कोई असर नहीं पड़ा.

सरकार और बिजली कंपनियों के मांग में अचानक से कमी और फिर बढ़ोतरी की स्थिति से निपटने के लिये तैयार की गयी विस्तृत कार्य योजना से कोई समस्या उत्पन्न नहीं हुई.

प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को कोरोना वायरस के खिलाफ अभियान के तहत देश के नाम अपने संदेश में ‘अंधकार को चुनौती’ के रूप मे रविवार को रात नौ बजे नौ मिनट तक बिजली बंद करने और दीया, टार्च या मोबाइल से रोशनी करने की अपील की थी. बिजली मंत्री आर के सिंह ने कहा, बिजली आपूर्ति में कमी (रैंप ढाउन) और फिर बढ़ोतरी (रैंप अप) का काम बहुत सुचारु रूप से चला. उन्होंने (अधिकारियों) ने अच्छे तरीके से इसका प्रबंध किया.

मैं और मेरे साथ वरिष्ठ अधिकारी…बिजली सचिव और पोस्को सीएमडी…नेश्नल मॉनिटरिंग सेंटर से व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नजर रखे हुए थे. मैं एनएलडीसी (नेश्नल लोड डिस्पैच सेंटर), आरएलडीसी (रिजनल लोड डिस्पैच सेंटर) और एसएलडीसी (स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर) के सभी इंजीनियरों को स्थिति से बखूबी निपटने को लेकर बधाई देता हूं…

मंत्री के अनुसार करीब चार-पांच मिनट के दौरान बिजली खपत 1,17,000 मेगावाट से कम होकर 85,300 मेगावाट रही. यह संभावित 12,0000 मेगावाट की कमी से कहीं अधिक थी. मंत्रालय के अनुसार लाइट बंद होने के बाद मांग में कमी के पश्चात 110 मेगावाट की बढ़ोतरी (रैंप अप) सुचारू रही. कहीं से भी बिजली में गड़बड़ी या बंद होने की घटना नहीं हुई.

उन्होंने बिजली उत्पादन कंपनियों एनटीपीसी और एनएचपीसी की सराहना की. सिंह ने कहा कि पनबिजली क्षेत्र से अच्छा योगदान मिला. ऐसी आशंका जतायी गयी थी कि प्रधानमंत्री की अपील पर रात नौ बजे से नौ मिनट तक घरों में बल्ब, ट्यूबलाइट बंद होने से बिजल ग्रिड पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. हालांकि मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा कि था कि देश की ग्रिड व्यवस्था मजबूत है और इस प्रकार की आशंकाएं निराधार हैं.

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Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

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लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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