एक और सफलता: इसरो ने स्क्रैमजेट इंजन का किया सफल परीक्षण

चेन्नई: अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने आज सुबह 6 बजे सफलतापूर्वक स्क्रैमजेट इंजन का परीक्षण किया. हवा की गति प्रक्षेपण के लिए अनुकूल रहने के बाद रॉकेट ने उड़ान भरी. वहीं दूसरी ओर, भू-समकालिक उपग्रह प्रक्षेपण यान यानी जीएसएलवी-एमके द्वितीय के साथ मौसम उपग्रह इनसैट-3डीआर का प्रक्षेपण सितंबर तक के लिए टाल दिया गया है. […]

चेन्नई: अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने आज सुबह 6 बजे सफलतापूर्वक स्क्रैमजेट इंजन का परीक्षण किया. हवा की गति प्रक्षेपण के लिए अनुकूल रहने के बाद रॉकेट ने उड़ान भरी. वहीं दूसरी ओर, भू-समकालिक उपग्रह प्रक्षेपण यान यानी जीएसएलवी-एमके द्वितीय के साथ मौसम उपग्रह इनसैट-3डीआर का प्रक्षेपण सितंबर तक के लिए टाल दिया गया है. एसडीएससी के निदेशक ने इसके सफल परीक्षण के बाद बताया कि स्क्रैमजेट इंजन के परीक्षण के लिए आरएच-560 साउडिंग रॉकेट का प्रक्षेपण के लिए रविवार सुबह 6 बजे का वक्त निर्धारित किया गया था.

आपको बता दें कि स्क्रैमजेट इंजन का प्रयोग केवल रॉकेट के वायुमंडलीय चरण के दौरान ही हो सकता है. यह ईंधन के साथ प्रयोग होने वाले ऑक्सीडाइजर की मात्रा को कम करके प्रक्षेपण लागत को कम करने में मददगार साबित होगा. स्क्रैमजेट एक सुपरसोनिक इंजन है जो रॉकेट को 5 मैक या उससे ऊपर उड़ने में सहायता प्रदान करता है. इन इंजनों में कोई गतिशील भाग मौजूद नहीं होता है. स्क्रैमजेट इंजन में ऑक्सीजन को द्रवित करने की क्षमता होती है, साथ ही इसे रॉकेट या जहाज में संग्रहीत कर सकता है.

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