ब्रह्मोस मिसाइल : आर्मी की दो टूक – यह हमारा सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा, किसी को चिंतित होने की जरूरत नहीं
नयी दिल्ली: चीन की सीमा पर ब्रह्मोसमिसाइल तैनाती के सरकार के फैसले को आज एक ओर जहां मुख्य विपक्ष कांग्रेस पार्टी का समर्थन मिल गया, वहीं आर्मी ने भी स्पष्ट कर दिया है कि यह तैनाती हमने अपने देश की सुरक्षा के मद्देनजर की है और इससे किसी दूसरे देश का कोई लेना-देना नहीं है. […]
ब्रह्मोस मिसाइल : आर्मी की दो टूक – यह हमारा सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा, किसी को चिंतित होने की जरूरत नहीं
नयी दिल्ली: चीन की सीमा पर ब्रह्मोसमिसाइल तैनाती के सरकार के फैसले को आज एक ओर जहां मुख्य विपक्ष कांग्रेस पार्टी का समर्थन मिल गया, वहीं आर्मी ने भी स्पष्ट कर दिया है कि यह तैनाती हमने अपने देश की सुरक्षा के मद्देनजर की है और इससे किसी दूसरे देश का कोई लेना-देना नहीं है. सूत्रों के अनुसार, सेना ने स्पष्ट कर दिया है कि हम अपनी सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए इस तरह के कदम उठाने को स्वतंत्र हैं और इससेदूसरे पक्ष पर असर नहीं पड़ना चाहिए.
उल्लेखनीय है कि चीन की सरकारी मीडिया ने भारत के इस कदम की निंदा की थी. वहीं, कांग्रेस पार्टी ने कहा कि सरकार को इस तरह के कदमजरूरउठाने चाहिए. कांग्रेस नेता टॉम वड़क्कन ने कहा कि सरकार का यह फैसला सही है. इस तरह के कदम से पड़ोसी देशों में एक संदेश जाता है कि आप कभी भी पलटवार कर सकते हैं. कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को पाकिस्तान के मामले में भी यही रुख अपनाना चाहिए.
चीन ने की थी आलोचना
चीन का सरकारी समाचारपत्र पीपुल्स डेली के मुताबिक चीन से लगी सीमा पर इसकी तैनाती से इलाके में नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. चीन का मानना है कि भारत मिसाइल की तैनाती कर टकराव चाहता है. भारत सरकार ने इस इलाके में चीन की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए कई कदम उठाये हैं. खबर यह भी है कि अरुणाचल प्रदेश में ब्रह्मोस की चौथी रेजीमेंट की तैनाती की जाएगी. बढ़ते सुरक्षा के खतरे को देखते हुए करीब 100 मिसाइलें, पांच मोबाइल स्वचलित लांचर और एक मोबाइल कमान पोस्ट तैनात होगी.
सेना ने क्या कहा
ब्रह्मोसक्रूज मिसाइल की तैनाती के बाद चीन के नाराजगी को लेकर इंडियन आर्मी ने आज पलटवार किया. सूत्रों के हवाले से यह खबर आयी है कि सेना ने कहा है कि हम अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस तरह का निर्णय लिया गया है. चीन से इसका कोई लेना-देना नहीं है. हम अपने इलाके में अपनी सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए स्वतंत्र है.