चंडीगढ़ : हरियाणा के डीजीपी डॉ. केपी सिंह एक बयान देकर विवादों के बीच फंस गए हैं. डीजीपी ने एक कार्यक्रम में कहा कि यदि अपराधी दुष्कर्म जैसी वारदात को अंजाम देता है या फिर किसी संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है तो आम आदमी को भी ऐसे अपराधी को जान से मारने का अधिकार है. गुरुवार को डीजीपी ने जींद में पंचायती राज और पुलिस के कार्यक्रम में ये बातें कही. डीजीपी इतने में ही नहीं रुके उन्होंने कहा कि अगर आगे कोई भी ऐसा आंदोलन सूबे में होता है तो, उपद्रवियों को कड़ा जवाब दिया जाएगा और सबक सिखाया जाएगा.
डीजीपी ने कार्यक्रम में कहा कि पुलिस ने तो वर्दी पहनी है उसे अपनी ड्यूटी निभानी होती है लेकिन आम आदमी भी इस प्रकार के मामलों में अपराधी की हत्या कर सकता है. डीजीपी के अनुसार ऐसे मामलों में कानून अधिकार देता है कि कोई यदि मारने मारने की कोशिश करे तो व्यक्ति उसकी जान ले सकता है.
आपको बता दें कि डीजीपी डॉ. के पी सिंह 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उन्हें जाट आंदोलन के बाद हरियाणा के डीजीपी का कार्यभार दिया गया था. जाट आंदोलन के दौरान हरियाणा के डीजीपी यशपाल सिंघल थे, उन्हें मामले को सही से हैंडल नहीं करने की वजह से आंदोलन के बाद पद से हटा दिया गया था.
