नयी दिल्ली : दिल्ली के बत्रा अस्पताल (Batra Hospital in Delhi) में ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी की वजह से 12 लोगों की मौत हो गयी है. मरने वालों में अस्पताल के एक डॉक्टर भी शामिल हैं. एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी है. डॉक्टर गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी विभाग के एचओडी थे. वह भी कोरोना संक्रमित थे और इसी अस्पताल में भर्ती थे. दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी पर हाईकोर्ट (Delhi High Court) लगातार सुनवाई कर रहा है.
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने ट्वीट किया कि ये खबर बहुत ही ज्यादा पीड़ादायी है. समय पर ऑक्सीजन देकर इनकी जान बच सकती थी. उन्होंने आगे लिखा कि दिल्ली को उसके कोटे की ऑक्सीजन दी जाए. अपने लोगों की इस तरह होती मौतें अब और नहीं देखी जाती. दिल्ली को 976 टन ऑक्सीजन चाहिए.
दिल्ली हाईकोर्ट ने भी आज केंद्र सरकार से कई सवाल पूछे हैं. कोर्ट ने पूछा है कि दिल्ली आने वाले ऑक्सीजन को राजस्थान से क्यों नहीं आने दिया जा रहा है. कोर्ट ने कहा है कि अस्पतालों में ऑक्सीजन संयंत्र आवश्यक हैं और इनका न होना गैर जिम्मेदाराना है. वहीं केजरीवाल सरकार लगातार केंद्र पर आरोप लगा रही है. केजरीवाल का कहना है कि दिल्ली को जरूरत के मुताबिक ऑक्सीजन नहीं दी जा रही है.
अरविंद केजरीवाल ने आज कहा कि हमने अदालत को भी बताया है और केंद्र को लिखा भी है कि दिल्ली को हर दिन 976 टन ऑक्सीजन की जरूरत है. जबकि हमें केवल 490 टन ऑक्सीजन ही आवंटित की गयी है. कल शुक्रवार को हमें केवल 312 टन ऑक्सीजन ही मिला. ऐसे में कैसे चलेगा. उन्होंने कहा कि हम हाथ जोड़कर निवेदन करते हैं कि हमें और अधिक ऑक्सीजन प्रदान की जाए.
बंगाल से ऑक्सीजन लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुई ऑक्सीजन एक्सप्रेस
पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से ऑक्सीजन टैंकर लेकर दूसरी ऑक्सीजन एक्सप्रेस दिल्ली के लिए आज रवाना हो चुकी है. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को ट्वीट किया कि दिल्ली में मरीजों को तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन मुहैया कराने के लिए ऑक्सीजन एक्सप्रेस पर पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से ऑक्सीजन टैंक रखे जा रहे हैं. इसी प्रकार की पहली ट्रेन छत्तीसगढ़ से दिल्ली पहुंची थी, जिसके जरिए 70 टन तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन पहुंचाई गई थी. दूसरी ट्रेन के जरिए 120 टन ऑक्सीजन दिल्ली पहुंचेगी.
