माल्या के खिलाफ अगली कार्रवाई के लिए ईडी की सलाह की प्रतीक्षा कर रहा है विदेश मंत्रालय

नयी दिल्ली: विदेश मंत्रालय ने आज कहा कि विजय माल्या को ब्रिटेन से वापस लाने के लिए अगला कदम उठाने की खातिर वह प्रवर्तन निदेशालय की ‘‘सलाह’ की प्रतीक्षा कर रहा है. ब्रिटेन ने धनशोधन मामले के आरोपी शराब व्यवसायी को निर्वासित करने से इंकार कर दिया है.ब्रिटेन की सरकार के जवाब का ब्यौरा देते […]

नयी दिल्ली: विदेश मंत्रालय ने आज कहा कि विजय माल्या को ब्रिटेन से वापस लाने के लिए अगला कदम उठाने की खातिर वह प्रवर्तन निदेशालय की ‘‘सलाह’ की प्रतीक्षा कर रहा है. ब्रिटेन ने धनशोधन मामले के आरोपी शराब व्यवसायी को निर्वासित करने से इंकार कर दिया है.ब्रिटेन की सरकार के जवाब का ब्यौरा देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप ने कहा कि ब्रिटेन ने कहा है कि कानून के मुताबिक वह माल्या को निर्वासित नहीं कर सकता लेकिन वहां की सरकार भारतीय उच्चायोग के साथ मुख्य मुद्दे (प्रत्यर्पण के आग्रह) पर चर्चा करने को तैयार है. ब्रिटेन की सरकार ने भारत से कहा है कि भगोडे व्यवसायी के प्रत्यर्पण का आग्रह करे.

स्वरुप ने कहा, ‘‘अब हम अगले कदम के लिए प्रवर्तन निदेशालय की सलाह की प्रतीक्षा कर रहे हैं.’ भारत के निर्वासन के पांच मई के आग्रह पर ब्रिटेन ने कहा है कि 1971 के आव्रजन अधिनियम के मुताबिक ब्रिटेन में किसी व्यक्ति के रहने के लिए वैध पासपोर्ट रखना जरुरी नहीं है अगर देश में आने के वक्त उनके पास वैध पासपोर्ट था.
इसने भारत सरकार से कहा था, ‘‘साथ ही ब्रिटेन आरोपों की गंभीरता को समझता है और भारत सरकार का सहयोग करने को इच्छुक है. उन्होंने भारत सरकार से कहा है कि परस्पर कानूनी सहयोग या प्रत्यर्पण के आग्रह पर विचार करेगा.’ भारत ने 28 अप्रैल को ब्रिटेन के अधिकारियों से कहा कि माल्या को देश से निष्कासित करें जिनका भारतीय पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है ताकि धन शोधन विधेयक 2002 के तहत उनके खिलाफ जांच में उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जा सके। माल्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया है.

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