नयी दिल्ली : भाजपा ने उत्तराखंड में बागी कांग्रेसी विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा शुक्रवार को पेश किया है जिसके बाद पार्टी अरविंद केजरीवाल के निशाने पर आ गई है. आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्विटर के माध्यम से भाजपा पर जमकर निशाना साधा है. केजरीवाल ने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा है कि भाजपा देशद्रोही और सत्ता की भूखी पार्टी है. पहले अरुणाचल और अब उत्तराखंड में विधायकों की बेशर्मी से खरीद-फरोख्त करके उसने साबित कर दिया है वह कितनी भ्रष्ट पार्टी है. मेरा मानना है कि भाजपा सबसे ज्यादा भ्रष्ट्र पार्टी है. आपको बता दें कि उत्तराखंड में फिलहाल कांग्रेस की सरकार है.
इससे पहले उत्तराखंड की हरीश रावत की कांग्रेस सरकार देर रात उस समय अल्पमत में आ गयी, जब उसके नौ विधायक बागी होकर भाजपा के साथ जा मिले. बागी विधायकों को साथ लेकर भाजपा ने राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया है. राज्यपाल से मुलाकात के दौरान कांग्रेस के दस बागी विधायकों के अलावा बसपा के भी एक विधायक थे. 70 सदस्यीय असेंबली में सरकार के गठन के लिए 36 विधायकों की जरूरत है. यह संख्या बल भाजपा के पास है. इससे पहले दोपहर में प्रदेश सरकार के मंत्री हरक सिंह रावत ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया.
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के बागी विधायक विधानसभा में विपक्षी दल भाजपा के साथ हो गये और उन्होंने वित्त विधेयक पर मत विभाजन की मांग रख दी. इससे हरीश रावत सरकार की मुश्किलें बढ़ गयीं. हालांकि स्पीकर ने ध्वनिमत से वित्त विधेयक को पास करा दिया. इस पर सदन में जोरदार हंगामा हुआ और भारी संख्या में पुलिस बुलानी पड़ी. सूत्रों के मुताबिक, भाजपा नेतृत्व के निर्देश पर महेश शर्मा देहरादून में जमे हुए हैं. उन्हें उत्तराखंड में सरकार गठन की जिम्मेवारी सौंपी गयी है. कैलाश विजयवर्गीय भी उत्तराखंड में ही हैं.
रावत ने बहुगुणा को संभाला, पर बात नहीं बनी
इससे पहले खबर थी कि बागी गुट (हरक सिंह रावत) के 13 विधायकों को हरीश रावत ने मना लिया है. यही नहीं हरक सिंह को मनपसंद सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश कर दी गयी है. इसके अलावा पूर्व सीएम विजय बहुगुणा के राज्यसभा भेजने का रास्ता भी साफ हो गया है पर मामला नहीं सुलझा.
अल्पमत में सरकार : भाजपा
दिनभर चले राजनीतिक ड्रामे के बीच, भाजपा ने कांग्रेस के बागी विधायकों के साथ मिल कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है. अब फैसला राज्यपाल को करना है. इससे पहले भाजपा के सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि सूबे में सरकार ही कहां है? जो सरकार थी, वह चली गयी. अब राज्य में नयी सरकार आयेगी. उन्होंने कहा कि हम राज्यपाल से मिल कर कांग्रेसी सरकार को भंग कर नयी सरकार के गठन की बात करने जा रहे हैं. निशंक ने कहा कि रावत सरकार अल्पमत में है.
विस की स्थिति
70 सीटों वाली उत्तराखंड असेंबली में कांग्रेस के 36, बीजेपी के 28, निर्दलीय 3, बीएसपी के 2 व यूकेडी के एक विधायक हैं.
बागी विधायक
पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, कृषि मंत्री हरक सिंह रावत, पूर्व उद्यान मंत्री अमृता रावत, विधायक शैलारानी रावत, प्रदीप बत्रा, कुंवर प्रणब सिंह चैंपियन, सुबोध उनियाल, डॉ शैलेंद्र मोहन सिंघल और उमेश शर्मा काऊ.
