नयी दिल्ली : हरियाणा में जारी जाट आंदोलन के कारण गंभीर जल संकट की समस्या को भांपते हुए दिल्ली सरकार शनिवार रात उच्चतम न्यायालय पहुंच गयी और उसने शीर्ष अदालत से केंद्र सरकार को मामले में हस्तक्षेप करने और राष्ट्रीय राजधानी को मुनक नहर से जलापूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश देने को कहा. मुनक नहर पडोसी हरियाणा राज्य से आती है जो पूरी तरह से जाट आंदोलन की गिरफ्त में है.
वहीं , दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के आवास पर पानी की स्थिति को लेकर सुबह आपातकालीन बैठक बुलाई. बैठक में उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, जल मंत्री, जल बोर्ड के सीईओ और एनडीएमसी के सचिव भी शामिल हुए.सीएम अरविंद केजरीवाल के घर बैठक के बाद फैसला लिया गया कि जाट आंदोलन के चलते दिल्ली में पानी की किल्लत है इसलिए कल दिल्ली के सभी स्कूल बंद रहेंगे. राष्ट्रपति के आवास, प्रधानमंत्री के आवास, मुख्य न्यायाधीश के आवास ,सेना ,अस्पताल, फायर ब्रिगेड जैसे स्थल पर पानी सप्लाई में कोई कटौती नहीं की जाएगीजबकि अन्य जगहों में पानी के सप्लाई में कटौती की जाएगी.
दिल्ली के जल मंत्री कपिल मिश्रा और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवान ने ट्विट करके जानकारी दी कि दिल्ली में जलसंकट के कारण सभी स्कूल बंद रहेंगे जबकि प्रमुख स्थलों पर पानी की सप्लाई समान रुप से दी जाएगी. इससे पहले कल दिल्ली के जल मंत्री कपिल मिश्रा ने ट्विट किया कि दिल्ली सरकार जल संकट पर उच्चतम न्यायालय पहुंच गयी है. याचिका स्वीकार हो गयी है. इस पर रविवार को सुबह सुनवाई होने की संभावना है.’
इससे पूर्व , दिल्ली सरकार के वरिष्ठ स्थायी अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कहा कि याचिका उच्चतम न्यायालय में दाखिल की गयी है जिसमें मुद्दे पर जल्द सुनवाई की अपील की गयी है.याचिका में कहा गया है कि केंद्र को मुनक नहर से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सेना तैनात करनी चाहिए. उच्चतम न्यायालय के पंजीयक ने बताया कि यह रविवार सुबह ही पता चलेगा कि दिल्ली सरकार की याचिका पर कल सुनवाई होगी या सोमवार को. मेहरा ने कहा कि दिल्ली में तुरंत पानी की आपूर्ति होनी चाहिए क्योंकि यह लोगों की जीवनरेखा है.
उन्होंने साथ ही कहा कि दिल्ली में सारे जल संयंत्र बंद हो गए हैं क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने नहर पर ‘कब्जा ‘ कर लिया है. मेहरा ने कहा कि लुटियंस जोन और कई अन्य इलाकों को पानी नहीं मिल रहा है. सेना को यह सुनिश्चित करना चहिए कि दिल्ली को तुरंत पानी मिले. दिल्ली में अगले एक दो दिन में भीषण जल संकट पैदा होता नजर आ रहा है क्योंकि जाट आंदोलन के कारण 60 फीसदी जलापूर्ति प्रभावित हुई है.
