ज्ञान दुनिया की करंसी के रुप में उभर रहा है : प्रणब

हैदराबाद: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज कहा कि वर्तमान सदी में ज्ञान दुनिया की करंसी के रुप में उभर रहा है और उन्होंने शोध के माध्यम से आ रहे बदलाव को शानदार और अद्भुत करार दिया. सिकन्दराबाद स्थित मिलिटरी कॉलेज ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मेकेनिकल इंजीनियरिंग (एमसीईएमई) में दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा […]

हैदराबाद: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज कहा कि वर्तमान सदी में ज्ञान दुनिया की करंसी के रुप में उभर रहा है और उन्होंने शोध के माध्यम से आ रहे बदलाव को शानदार और अद्भुत करार दिया. सिकन्दराबाद स्थित मिलिटरी कॉलेज ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मेकेनिकल इंजीनियरिंग (एमसीईएमई) में दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नयी अवधारणाओं के साथ प्रौद्योगिकी में निरंतर बदलाव आ रहा है.

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘आप ऐसे युग में रह रहे हैं जहां प्रौद्योगिकी में बदलाव की गति इतनी तेज है कि जब मैं बोल रहा हूं तब भी नई अवधारणाएं आ रही हैं, स्थापित प्रतिमान की परिभाषा बदल रही है और शोध हमेशा नये खाका में आ रहा है.” उन्होंने कहा, ‘‘शोध से आ रहे बदलाव काफी शानदार एवं अद्भुत हैं. आपकी चुनौती नई रक्षा प्रौद्योगिकियों को विकसित करना और यह सुनिश्चित करना है कि इससे भारतीय सेना को लाभ मिले . ”
उन्होंने कहा, ‘‘ज्ञान सबसे बडी शक्ति है जो वर्तमान सदी में दुनिया की करंसी के रुप में उभर रही है. आपके ज्ञान एवं उत्साह से आप रचनात्मक विचारों और अन्वेषण की तरफ बढेंगे जिससे वर्तमान तरीकों और प्रणाली पर प्रभाव पडेगा और उसमें सुधार आएगा.” मुखर्जी ने कहा कि देश में रक्षा क्षमता को बढाने में सशस्त्र बल और प्रौद्योगिकी रणनीतिक साझेदार हैं.

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