नयी दिल्ली : दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों बीएसएनएल और एमटीएनएल की खराब सेवाओं और कॉल ड्राप के मुद्दे पर राज्यसभा में चर्चा कराने की आज पेशकश की. प्रसाद ने यह पेशकश उस समय की जब शून्यकाल में माकपा के केएन बालगोपाल ने एमटीएनएल और बीएसएनएल की खराब सेवा, कॉल ड्राप […]
नयी दिल्ली : दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों बीएसएनएल और एमटीएनएल की खराब सेवाओं और कॉल ड्राप के मुद्दे पर राज्यसभा में चर्चा कराने की आज पेशकश की. प्रसाद ने यह पेशकश उस समय की जब शून्यकाल में माकपा के केएन बालगोपाल ने एमटीएनएल और बीएसएनएल की खराब सेवा, कॉल ड्राप आदि का मुद्दा उठाया . उन्होंने कहा कि इन दोनों कंपनियों की सेवाएं संतोषप्रद नहीं हैं.
उन्होंने आशंका जताई कि क्या कंपनी के ही कुछ लोग निजी आपरेटरों से तो नहीं मिले हुए हैं.प्रसाद ने इससे इंकार करते हुए कहा कि दूरसंचार मंत्रालय का कार्यालय संचार भवन भ्रष्टाचार मुक्त है.उन्होंने कहा कि वाजपेयी सरकार के कार्यकाल में बीएसएनएल 10,000 करोड रुपए के लाभ में चल रही थी लेकिन पिछले साल जब भाजपा सरकार सत्ता में आयी तो उस समय कंपनी 8,000 करोड रुपए के नुकसान में थी.उन्होंने संप्रग शासन का नाम लिए बिना सवाल किया कि पिछले 10 साल में किसने बीएसएनएल की यह स्थिति बनायी. उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि इस पर पूरी चर्चा हो.
कॉल ड्राप के मुद्दे पर प्रसाद ने कहा कि उनकी सरकार ने निजी आपरेटरों पर दबाव बनाया है जिससे 20 हजार टावर लगाए गए हैं और इस विषय पर लगातार नजर रखी जा रही है. माकपा के ही सीताराम येचुरी ने कहा कि कॉल ड्राप की समस्या काफी गंभीर हो गयी है. उन्होंने कहा कि क्या यह तकनीकी समस्या है या नीतिगत समस्या है जिससे कि कोई सरकार के खिलाफ प्रदर्शन नहीं कर सके.
येचुरी ने मजाकिया लहजे में केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू के एक पुराने बयान का जिक्र किया कि जिसमें उन्होंने कहा था कि फोन कॉल की वजह से उनका वैवाहिक जीवन खतरे में पड़ सकता है. प्रसाद ने कहा कि वह कॉल ड्राप पर चर्चा चाहते हैं ताकि यह बताया जा सके कि इस विषय में सरकार ने क्या किया है.सपा के रामगोपाल यादव ने टैपिंग होने का जिक्र करते हुए कहा कि सुना जाता है कि इसलिए भी कॉल ड्राप होते हैं कि फोन सुने जाते हैं. इस पर प्रसाद ने कहा कि अगर उनके पास ऐसा कोई विशिष्ट उदारहण है तो वह दें.