58 साल के विधायक ने स्कूल छोड़ने के 40 साल बाद दी 10वीं की परीक्षा, जानें आखिर क्‍यों

विधायक के एक करीबी ने बताया कि कन्हार ने 1978 में पढ़ाई छोड़ दी थी और 2019 में विधानसभा सदस्य बनने के बाद आठवीं कक्षा की परीक्षा दी थी. कन्हार के परीक्षा केंद्र की अधीक्षक अर्चना बसा ने बताया कि विधायक के साथ कोई विशेष व्यवहार नहीं किया गया.

एक विधायक में पढ़ाई का ऐसा जुनून चढ़ा कि उसने स्कूल छोड़ने के 40 साल बाद 10वीं की परीक्षा दे डाली. दरअसल बीजू जनता दल (बीजद) के विधायक अंगदा कन्हार उन 5.8 लाख छात्रों में शामिल हैं जो ओडिशा शिक्षा बोर्ड की शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई दसवीं कक्षा की परीक्षा दे रहे हैं.

भीषण लू के बीच विधायक का सेंटर यहां पड़ा

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य में चल रही भीषण लू की स्थिति को देखते हुए लगभग सभी परीक्षाएं सुबह आठ से लेकर 9:30 बजे के बीच आयोजित की जाएंगी. राज्य के फूलबनी से विधायक कन्हार ने कंधमाल जिले में पीताबारी गांव के रुजंगी हाईस्कूल में अपनी परीक्षा दी. उन्होंने कहा कि पंचायत के कुछ सदस्यों और मेरे चालक ने मुझे परीक्षा में बैठने के लिए प्रोत्साहित किया. मुझे नहीं पता कि मैं परीक्षा पास कर पाऊंगा या नहीं. लेकिन मैंने अपनी परीक्षा दसवीं कक्षा का प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए दी है.

विधायक के एक करीबी ने क्‍या कहा

विधायक के एक करीबी ने बताया कि कन्हार ने 1978 में पढ़ाई छोड़ दी थी और 2019 में विधानसभा सदस्य बनने के बाद आठवीं कक्षा की परीक्षा दी थी. कन्हार के परीक्षा केंद्र की अधीक्षक अर्चना बसा ने बताया कि विधायक के साथ कोई विशेष व्यवहार नहीं किया गया. बासा ने कहा कि उन्होंने (विधायक) अन्य छात्रों के साथ ही परीक्षा दी. परीक्षा में बैठने की अनुमति देने से पहले दूसरे छात्रों की तरह ही उनकी भी अच्छी तरह से जांच की गई.

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एक लड़की परीक्षा देने नहीं पहुंच पाई

इस बीच, पुलिस सूत्रों के मुताबिक कोरापुट जिले के जेपोर इलाके में एक लड़की परीक्षा देने नहीं पहुंच पाई क्योंकि उसे परीक्षा स्थल तक ले जा रहे ऑटोरिक्शा के दुर्घटनाग्रस्त होने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई. सूत्रों ने बताया कि लड़की के साथ यात्रा कर रहे सात अन्य छात्र भी घायल हो गए, लेकिन वे किसी तरह से परीक्षा में बैठने में सफल रहे. गौरतलब है कि 3,540 केंद्रों पर इस साल दसवीं कक्षा की राज्य बोर्ड परीक्षा में कुल 5,85,730 विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं. पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए 35,000 से अधिक शिक्षकों को लगाया गया है और कदाचार को रोकने के लिए बोर्ड की ओर से विशेष दस्ते तैनात किए गए हैं.

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