सरकार ने बच्चों से जुडी पोर्नोग्राफी वेबसाइटों को छोडकर अन्य पर से प्रतिबंध हटाया
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नयी दिल्ली : वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगाने को लेकर आलोचना झेल रही सरकार ने आज अपने आदेश की समीक्षा की और उन साइटों पर से प्रतिबंध हटाने का निर्णय किया जो अश्लील सामग्री नहीं परोसती. इससे पहले, दूरसंचार विभाग ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (आईएसपी) से 857 वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था. हालांकि […]
नयी दिल्ली : वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगाने को लेकर आलोचना झेल रही सरकार ने आज अपने आदेश की समीक्षा की और उन साइटों पर से प्रतिबंध हटाने का निर्णय किया जो अश्लील सामग्री नहीं परोसती. इससे पहले, दूरसंचार विभाग ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (आईएसपी) से 857 वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था. हालांकि बाद में पाया गया कि इसमें से कुछ वेबसाइट चुटकुले और अन्य हास्य सामग्री परोस रही हैं और उसमें अश्लीलता जैसा कुछ नहीं है.
सरकार के निर्देश के बाद से सोशल मीडिया तथा अन्य मंचों पर बहस छिड गयी और सरकार पर इंटरनेट सेंसरशिप का आरोप लगाया गया. पूर्व के आदेश से हुए नुकसान की भरपाई के इरादे से दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने आज उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की जिसमें आईटी सचिव आर एस शर्मा तथा अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल पिंकी आनंद समेत अन्य लोग शरीक हुए. प्रसाद ने कहा कि बैठक में यह निर्णय किया गया है कि आईएसपी से तत्काल उन वेबसाइसाइटों पर प्रतिबंध नहीं लगाने को कहा जाएगा जो अश्लील सामग्री नहीं परोसती.
पूर्व के निर्देश के पीछे कारणों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, उच्चतम न्यायालय के आदेश के मद्देनजर तत्काल कदम उठाये गये. अपने आदेश में शीर्ष अदालत ने उन कथित अश्लील सामग्री परोसने वाली वेबसाइटों की सूची पर कार्रवाई करने को कहा था जिसे याचिकाकर्ता ने उपलब्ध कराया था.
* कांग्रेस ने भी किया था पोर्न साइट्स बंद किये जाने का विरोध
पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवडा ने आज कहा कि सरकार की ओर से इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को 857 अश्लील वेबसाइट को प्रतिबंधित करने का आदेश दिया जाना देश के ‘तालिबानीकरण’ जैसा है. देवडा ने ट्वीट किया, और सरकार ने भारत के तालिबानीकरण की दिशा में एक और कदम उठाया है.
कांग्रेस नेता ने कहा, ताजा प्रतिबंध पॉर्न को पसंद अथवा नापंसद करने के बारे में नहीं है. यह सरकार की ओर से निजी आजादी को बंधक बना लेने के बारे में है. आगे वे क्या फोन और टीवी पर प्रतिबंध लगाएंगे. उधर, फिल्मकार रामगोपाल वर्मा ने अश्लील वेबसाइट पर प्रतिबंध लगाने के सरकार के फैसले पर विरोध जाहिर करते हुए कहा है कि सरकार द्वारा निजी आजादी को किसी तरह से नुकसान पहुंचाना देश की सामाजिक प्रगति को पीछे की ओर ले जाना है.
वर्मा ने कई ट्वीट करके सरकार को पॉर्न की लोकप्रियता को लेकर आगाह किया और कहा कि जो सरकार इसे प्रतिबंधित करती है अगले चुनाव में उसका सफाया निश्चित है.