नयी दिल्ली : कोरोना महामारी की दूसरी लहर में भारतीय वायुसेना संकटमोचक की भूमिका में उतर आया है. भारतीय वायुसेना के अधिकारी ने कहा है कि कोरोना संकट के समय 42 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट राहत कार्य में तैनात किया गया है. मालूम हो कि ऑक्सीजन और दवाओं की कमी के बीच सरकार ने सेना की मदद ली थी.
एयर वाइस मार्शल एम रानाडे ने शनिवार को कहा कि वायुसेना ने कोविड-19 राहत कार्यों के लिए 42 परिवहन विमान तैनात किये हैं. इनमें 12 हैवी लिफ्ट और 30 मध्यम एयर लिफ्ट विमान शामिल हैं. इन विमानों का उपयोग विदेशों से राहत उपायों, कर्मियों और सामग्री लाने में किये जा रहे हैं. अब तक करीब 75 ऑक्सीजन कंटेनरों को लिफ्ट किया गया है. साथ ही कार्य प्रगति पर भी है.
मालूम हो कि इससे पहले भारतीय वायुसेना के आईएफ सी-17 विमान कल शाम इजराइल के बेन गुरियन हवाई अड्डे से हिंडन एयर बेस के लिए तीन क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनरों और तीन श्वासयंत्र के पैलेट लाये जा रहे हैं. इनमें से एक जनरेटर से 120 बिस्तरों वाले अस्पताल में ऑक्सीजन की जरूरतों को पूरा करने की क्षमता है.
वहीं, आईएएफ सी-17 ने हिंडन और हैदराबाद से भुवनेश्वर तक क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनरों को एयरलिफ्ट किया था. अन्य सी-17 हिंडन, लखनऊ, आगरा, भोपाल, चंडीगढ़ से रांची और जामनगर तक क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनर ला रहे हैं. मालूम हो कि कोरोना से हालात बिगड़ने पर भारतीय वायुसेना और नौसेना राहत कार्य में जुट गयी हैं.
भारत में चिकित्सा सुविधाओं की कमी को पूरा करने में वायुसेना और नौसेना प्रयासों में तेजी ला रही हैं. हाल ही में नौसेना ने फारस की खाड़ी और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से तरल ऑक्सीजन एवं अन्य चिकित्सा आपूर्ति लाने के लिए नौ युद्धपोत तैनात किये हैं. देश में ऑक्सीजन की मांग को पूरा करने के लिए नौसेना ने समुद्र सेतु-2 अभियान शुरू किया है.
