168 वर्ष पहले बोरीबंदर से ठाणे के बीच चली थी पहली ट्रेन

नयी दिल्ली: भारतीय रेल का इतिहास बहुत पुराना है. अंग्रेजों के शासनकाल से ही भारत में रेलवे का विकास हुआ. भारत में पहली पैसेंजर ट्रेन 18वीं सदी में चलायी गयी. 16 अप्रैल 1853 को पहली ट्रेन बंबई के बोरीबंदर से ठाणे के बीच चली. इस ट्रेन में साहिब, सिंध और सुल्‍तान नाम से तीन डिब्बे […]

नयी दिल्ली: भारतीय रेल का इतिहास बहुत पुराना है. अंग्रेजों के शासनकाल से ही भारत में रेलवे का विकास हुआ. भारत में पहली पैसेंजर ट्रेन 18वीं सदी में चलायी गयी. 16 अप्रैल 1853 को पहली ट्रेन बंबई के बोरीबंदर से ठाणे के बीच चली. इस ट्रेन में साहिब, सिंध और सुल्‍तान नाम से तीन डिब्बे थे
इस ट्रेन में लगभग 400 लोगों ने यात्रा की थी. इस ट्रेन ने 34 किलोमीटर लंबी यात्रा की थी. हालांकि उस वक्‍त रेलवे की शुरुआत देश के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि थी. उसके बाद उत्‍तरी भारत में पहली रेलवे लाइन 3मार्च 1859 को इलाहाबाद और कानपुर के बीच शुरू की गयी.
पहली हेरीटेज ट्रेन का निर्माण ब्रिटेन की कंपनी किटसन ने 1855ई. में किया था. इस ट्रेन का नाम ‘फेयरी क्वीन था. इस ट्रेन में विश्व का सबसे पुराना भाप इजंन लगाया गया था. 1997 के बाद से इस ट्रेन को हैरिटेज ट्रेन के रूप में चलाया जाने लगा. इस ट्रेन में सफर करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं.
भारतीय रेलवे के नाम कई तरह के वर्ल्ड रिकार्ड भी दर्ज हैं. भारत में फिलहाल लगभग 115,000 किलोमीटर लंबा रेल ट्रेक का जाल बिछा है. भारतीय रेलवे अमरीका, चीन और रूस के बाद दुनिया का चौथा सबसे बड़ा नेटवर्क है. भारतीय रेलवे में लगभग 16 लाख लोग कार्य करते हैं. इस तरह यह दुनिया का 7वां सबसे ज्‍यादा नौकरी देने वाला विभाग है.

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