दिल्ली की कमान राहुल के हाथ, बिना ''शीला'' के बनायी टीम
नयी दिल्ली : दिल्ली में विधानसभा भंग होने के साथ ही सभी पार्टियां चुनाव की तैयारी में जुट गये हैं. एक ओर जहां आम आदमी पार्टी ने अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है. वहीं दूसरी ओर भाजपा फिर से नरेंद्र मोदी के नाम पर जनता से वोट […]
नयी दिल्ली : दिल्ली में विधानसभा भंग होने के साथ ही सभी पार्टियां चुनाव की तैयारी में जुट गये हैं. एक ओर जहां आम आदमी पार्टी ने अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है. वहीं दूसरी ओर भाजपा फिर से नरेंद्र मोदी के नाम पर जनता से वोट मांगने को तैयार है.
इन सब के बीच कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी ने कमान संभाल ली है और अपनी टीम की भी घोषणा कर दी है. इसमें सबसे चौकाने वाली बात है कि पूर्व सीएम शीला दीक्षित को नातो कांग्रेस चुनाव लड़वाना चाहती है और नाही राहुल गांधी ने उन्हें अपनी टीम में जगह दी है.
राहुल की टीम में जिन आठ नेताओं को जगह मिली है उसमें नए और पुराने दोनों नेता शामिल हैं. पूर्वांचल के वोटों का ध्यान रखते हुए महाबल मिश्र को भी टीम में जगह दी गयी है. इसके अलावा टीम में अरविंदर सिंह लवली, सज्जन कुमार, जेपी अग्रवाल, जगदीश टाइटलर, हारून युसूफ, अजय माकन और जयकिशन शामिल हैं.
राहुल गांधी ने टीम के सभी लोगों को चुनाव के मद्देनजर अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंप दी हैं. जगदीश टाइटलर को मीडिया का प्रभार सौंपा गया है. लेबर यूनियन आदि की जिम्मेदारी अजय माकन को सौंपी गयी है. महाबल मिश्र को पूर्वांचल के मामलों को देखने को कहा गया है जबकि एससी-एसटी के मामलों की जिम्मेदारी जयकिशन की होगी.
इस बीच अरविंदर सिंह लवली ने बयान दिया है कि पार्टी की ओर से शीला दीक्षित से विधानसभा चुनाव लड़ने का आग्रह किया जाएगा.
नयी बनी कोई कमेटी : शकील अख्तर
कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता शकील अख्तर ने कहा कि दिल्ली में चुनाव के मद्देनजर अभी कोई समिति नहीं बनायी गयी है. ये सब कोरी अफवाहें हैं. शीला दीक्षित के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी की बैठक में ही कोई निर्णय लिया जायेगा. अभी मीडिया में जितनी भी बातें आ रही हैं, सभी बेबुनियाद हैं. उन्होंने कहा कि जब दिल्ली में चुनाव की अधिसूचना जारी हो जायेगी तो पार्टी के शीर्ष नेता आपस में बैठकर रणनीति बनायेंगे.
शीला दीक्षित ने चुनाव लड़ने से किया इंकार
पत्रकारों से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने अपनी ओर से चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि अब वह राजनीति से सन्यास लेना चाहती हैं. वे पार्टी को अपने स्तर से हर सहयोग करने के लिए आज भी तैयार हैं, लेकिन वह इस बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी.
केजरीवाल की सरकार को पूर्व में समर्थन दिये जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस दिल्ली में एक स्थिर सरकार चाहती थी. लेकिन केजरीवाल ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलकर जिस बेवकूफी का परिचय दिया है, वह कभी-कभी ही देखने को मिलता हैं.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस केजरीवाल के चरित्र के बारे में नहीं जानती थी, इसलिए पिछली बार उसे समर्थन दिया. अब किसी भी सूरत में आम आदमी पार्टी जैसे दलों से गंठबंधन नहीं किया जायेगा.