जिस बेटे के लौटने का मां कर रही थी इंतजार, मिली उसकी लाश...

मदुरै में 16 वर्षीय तमिलसेल्वन का शव जलाशय में मिलने से परिवार में मातम छा गया. मां अपने बेटे के लौटने का इंतजार करती रही, लेकिन उसकी लाश घर पहुंची. परिजनों ने मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है.

तमिलनाडु के मदुरै 16 साल का तमिलसेल्वन रविवार की सुबह घर से निकला था. वह अपनी मां के पास कभी नहीं लौट सका. जिस बेटे के कदमों की आहट का इंतजार परिवार कर रहा था. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सोमवार को उसकी खबर आई तो घर में मातम पसर गया. किशोर का शव अनाइयूर के कूडल पुदुर स्थित एक जलाशय से बरामद किया गया. परिवार ने उसकी मौत पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने किसी अनहोनी की आशंका जताई है.

बेटा घर से निकला, मां की चिंताएं बढ़ीं

परिवार के मुताबिक, तमिलसेल्वन रविवार सुबह लापता हो गया था. परिवार को उम्मीद थी कि वह जल्द वापस लौट आएगा. लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, मां और परिजनों की चिंता बढ़ती गयी. वह तमिलसेल्वन के बचपन की प्यारी यादों में खो जाती, सोचती कि कैसे उसका छोटा सा बेटा पहली बार स्कूल गया था, कैसे वो जीत की खुशी में उछल-कूद करता था. इन सब यादों के बीच, मां का मन बेचैन होता जा रहा था. अगले दिन जब किशोर का शव पानी में मिला, तो परिवार के लिए यह किसी सदमे से कम नहीं था.

जलाशय में मिला शव, पोस्टमार्टम के बाद भी नहीं माने परिजन

तमिलसेल्वन का शव अनाइयूर के एक कनमई (जलाशय) में मिला. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. पोस्टमार्टम के बाद परिवार ने शव स्वीकार करने से इनकार कर दिया. परिजनों ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. शव मिलने के बाद, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बावजूद, परिवार का शक और गहरा गया.

बेटे की दोस्ती बनी मौत की वजह? परिवार ने जताया शक

परिवार ने आरोप लगाया है कि तमिलसेल्वन एक दूसरी जाति की लड़की के संपर्क में था. परिजनों के अनुसार, लड़की के पिता ने पहले किशोर को उससे संपर्क नहीं रखने की चेतावनी दी थी. अब परिवार इस चेतावनी को तमिलसेल्वन की मौत की परिस्थितियों से जोड़कर देख रहा है.

शव मिलने के वक्त लड़की के पिता की मौजूदगी का भी दावा

परिवार का यह भी आरोप है कि जिस जलाशय से तमिलसेल्वन का शव बरामद हुआ, वहां लड़की के पिता मौजूद थे. परिजनों ने दावा किया कि उस दौरान उनकी ओर से कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की गयीं. इन दावों के बाद परिवार के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किशोर पानी में कैसे पहुंचा.

माँ का सवाल- मेरा बेटा पानी में पहुंचा कैसे?

एक मां के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस बेटे को उसने सुबह घर से जाते देखा, वह कुछ ही समय बाद ऐसी हालत में कैसे मिला. वह सोच रही थी, "मेरा बच्चा, मेरा तमिलसेल्वन, जो इतनी शरारतें करता था, जो हमेशा हंसता-खेलता रहता था, वो पानी में कैसे पहुँच गया? मैंने तो बस उसे घर से निकलते हुए देखा था. आज वो मेरे पास लौट कर नहीं आया. उसका पानी में होना, ये कैसे मुमकिन है?" परिवार अब दुर्घटना और किसी अन्य परिस्थिति के बीच की सच्चाई जानना चाहता है. बेटे को खोने का दर्द और मौत को लेकर उठे सवालों ने परिवार की पीड़ा को और गहरा कर दिया है.

पुलिस ने फिलहाल ऑनर किलिंग की आशंका को नकारा

पुलिस ने शुरुआती जांच में ऑनर किलिंग के एंगल को खारिज कर दिया है. उनका कहना है कि तमिलसेल्वन और लड़की दोनों हिंदू समुदाय की ऐसी जातियों से थे, जिन्हें पुलिस इंटरमीडिएट-कास्ट श्रेणी में बताती है. पुलिस का मानना है कि इस वजह से ऑनर किलिंग की आशंका नहीं है.

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मौत की असली वजह जानने में जुटी पुलिस

पुलिस अब उन परिस्थितियों की जांच कर रही है, जिनमें तमिलसेल्वन जलाशय तक पहुंचा और उसकी मौत हुई. उपलब्ध जानकारी, परिवार के आरोप और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है. फिलहाल किशोर की मौत को लेकर परिवार की आशंकाओं की पुष्टि नहीं हुई है. जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई और वजह थी.

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By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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