Nirbhaya Case : निर्भया के दोषी विनय का नया पैंतरा, कोर्ट में कहा, शिजोफ्रेनिया का मरीज हूं

नयी दिल्‍ली : Nirbhaya Case Latest News Update – दिल्ली की एक अदालत ने निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्याकांड के चार दोषियों में से एक विनय शर्मा की उस याचिका पर गुरुवार को तिहाड़ जेल के अधिकारियों से जवाब मांगा जिसमें उसने अपनी तथाकथित मानसिक बीमारी शिजोफ्रेनिया और सिर तथा हाथ की चोट के बेहतर […]

नयी दिल्‍ली : Nirbhaya Case Latest News Update – दिल्ली की एक अदालत ने निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्याकांड के चार दोषियों में से एक विनय शर्मा की उस याचिका पर गुरुवार को तिहाड़ जेल के अधिकारियों से जवाब मांगा जिसमें उसने अपनी तथाकथित मानसिक बीमारी शिजोफ्रेनिया और सिर तथा हाथ की चोट के बेहतर उपचार का आग्रह किया है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने जेल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे शनिवार को दोषी की याचिका पर अपना जवाब प्रस्तुत करें.

मालूम हो दोषी विनय शर्मा ने दिल्ली की अदालत से संपर्क कर अपनी मानसिक बीमारी, शिजोफ्रेनिया, सिर में लगी चोट के बेहतर उपचार का आग्रह किया था, जिसके बाद कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए यह जवाब मांगा.

गौरतलब है कि निर्भया मामले के चार दोषियों में से एक विनय शर्मा ने तिहाड़ जेल में अपनी कोठरी में दीवार पर सिर पटक कर खुद को घायल कर लिया. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि घटना जेल संख्या तीन में रविवार की दोपहर हुई. उसे मामूली चोट आयी है और जेल परिसर में ही उसका उपचार किया गया.

जेल अधिकारियों ने बताया कि विनय ने कुछ समय के लिए खाना छोड़ दिया था. उन्होंने बताया, उसका स्वभाव चिड़चिड़ा है और अन्य तीन दोषियों की तुलना में उसका बर्ताव भी कुछ अलग है. बाकी के तीनों की तुलना में वह अलग है, अलग तरीके से पेश आता है.

जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, रविवार दोपहर विनय ने कोठरी के भीतर दीवार पर सिर पटका, इसमें वह घायल हो गया. सुरक्षाकर्मियों ने उसे ऐसा करते देख लिया और उसे तुरंत रोका तथा चिकित्सकों को बुलाया.

विनय के वकील ने अदालत को सूचित किया कि दोषी के साथ जेल में मारपीट हुई है और उसे सिर में चोट आयी है. उन्होंने कहा कि विनय गंभीर मानसिक रोग से पीड़ित है इसलिए उसे मौत की सजा नहीं दी जा सकती.

अदालत ने ‘मानसिक रोग’ के आधार को अस्वीकार करते हुए कहा कि यह मुद्दा शीर्ष अदालत के समक्ष उठाया गया था और चिकित्सकों की रिपोर्ट के आधार पर वह याचिका अस्वीकार कर दी गई थी.

रिपोर्ट में चिकित्सकों ने कहा था कि दोषी मानसिक रूप से संतुलित’ है और याचिकाकर्ता की सामान्य हालत स्थिर है.

दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को आदेश दिया था कि निर्भया मामले के चारों दोषी मुकेश कुमार सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय कुमार शर्मा (26) और अक्षय कुमार (31) को तीन मार्च को सुबह छह बजे फांसी दी जाए.

अदालत को सूचित किया गया कि विनय तिहाड़ जेल में भूख हड़ताल पर था हालांकि बाद में उसने अनशन तोड़ दिया. अदालत ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि वे कानून के मुताबिक विनय की उचित देखभाल करें.

सूत्रों के मुताबिक फांसी की तारीख नजदीक आने के साथ ही चारों दोषियों की मानसिक जांच नियमित रूप से की जा रही है. चारों दोषियों को जेल संख्या तीन में अलग-अलग कोठरियों में रखा गया है. जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चारों दोषियों पर लगातार नजर रखी जा रही है.

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