नयी दिल्लीः दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों ने सोमवार को प्रदर्शन किया. वाइस चांसलर नजमा अख्तर के ऑफिस का घेराव किया और पिछले महीने कैंपस के अंदर हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस के खिलाफ एफआईआर की मांग की. बता दें कि 15 जनवरी को यहां पर नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी और पुलिस कैंपस में घुस गई थी.
इसी के विरोध में आज छात्रों प्रदर्शन किया. ऑफिस के घेराव के बाद वीसी नजमा अख्तर बाहर निकलीं और छात्रों से संवाद स्थापित किया. छात्रों के हंगामे के बाच वीसी ने कहा कि मैं आपसे निवेदन करती हूं कि आपके शब्दों को मेरे मुंह में डालने की कोशिश ना करें. मुझे जो बोलना है वह मैं बोलूंगी. दिल्ली पुलिस कैंपस में हमसे बिना अनुमति लिए आई थीं और बच्चों को पीटा था.
उन्होंने कहा कि एफआईआर की कार्रवाई कल से शुरू हो जाएगी हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ एफआईआर से सुरक्षा नहीं मिल जाएगी. वीसी नजमा अख्तर ने कहा कि पुलिस एफआइआर दर्ज नहीं कर रही है. कहा है कि इस मामले में हमने सरकार के सामने भी आपत्ति दर्ज कराई है. जरूरत पड़ी को हम कोर्ट भी जाएंगे. उन्होंने फिर दोहराया कि पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है.
उन्होंने कहा कि हम इससे आगे कुछ नहीं कर सकते क्योंकि हम सरकारी कर्मचारी हैं. नजमा के इतने कहने पर छात्र विरोध करने लगे और शोर मचाने लगे.इससे पहले सोमवार को कैंपस जैसे ही खुला तो सैकड़ों छात्रों ने वाइस चांसलर नज़मा अख्तर के दफ्तर का विरोध किया और दफ्तर को घेरा. छात्रों ने यहां दिल्ली पुलिस और वीसी के खिलाफ नारे लगाए.
