केंद्र सरकार ने बोडो उग्रवादी समूह एनडीएफबी पर प्रतिबंध और पांच वर्ष के लिए बढ़ाया

नयी दिल्लीः केंद्र सरकार ने असम आधारित बोडो उग्रवादी समूह नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) पर लगे प्रतिबंध को और पांच साल के लिए बढ़ा दिया है. गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) एक अलग बोडोलैंड के अपने उद्देश्य के लिए भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय […]

नयी दिल्लीः केंद्र सरकार ने असम आधारित बोडो उग्रवादी समूह नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) पर लगे प्रतिबंध को और पांच साल के लिए बढ़ा दिया है.
गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) एक अलग बोडोलैंड के अपने उद्देश्य के लिए भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बाधित करने के लिए अवैध और हिंसक गतिविधियों में लिप्त रहा है. मंत्रालय ने एनडीएफबी पर प्रतिबंध गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 3 की उप-धारा (1) के प्रावधानों के तहत बढ़ाया है.
मंत्रालय ने कहा कि एनडीएफबी की गैरकानूनी एवं हिंसक गतिविधियां सरकार के प्राधिकार के खिलाफ हैं. इसके साथ ही वह लोगों में आतंक फैलाने, नरसंहार एवं जातीय हिंसा करने और गैर बोडो की सम्पत्तियों को नुकसान पहुंचाने में लिप्त था. अधिसूचना में कहा गया, उपरोक्त कारणों से केंद्र सरकार का विचार है कि एनडीएफबी की गतिविधियां भारत की संप्रभुता एवं अखंडता के खिलाफ हैं और यह एक गैरकानूनी संगठन है.
अधिसूचना में कहा गया कि केंद्र सरकार का यह भी मानना है कि एनडीएफबी की गैरकानूनी गतिविधियों को यदि नियंत्रण में नहीं रखा गया तो वह फिर से संगठित हो सकता है, स्वयं को फिर से हथियार बंद कर सकता है, ताजा भर्तियां कर सकता है, हिंसा में लिप्त हो सकता है, धन जुटा सकता है और बेगुनाह लोगों और सुरक्षा बलों के जीवन में खतरे में डाल सकता है.
इसने कहा, इसलिए ऐसी परिस्थितियां हैं, जो एनडीएफबी को तत्काल प्रभाव से गैरकानूनी संगठन घोषित करना आवश्यक बनाती हैं. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि एनडीएफबी पर प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू होता है और यह पांच साल तक रहेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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