भूकंप से पीओके में 20 की मौत, फटी सड़कें, पलटीं गाड़ियां, झेलम नहर क्षतिग्रस्त

नयी दिल्ली/इस्लामाबाद : भूकंप ने मंगलवार को पाकिस्तान व पीओके में भारी तबाही मचायी है. इस्लामाबाद सहित कई उत्तरी शहरों में जोरदार झटके महसूस किये गये. पीओके में 20 लोगों की मौत हो गयी, जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हैं. पीओके में जमीन में बड़ी दरारें पड़ गयीं. कारें, बसें और अन्य वाहन धंस […]

नयी दिल्ली/इस्लामाबाद : भूकंप ने मंगलवार को पाकिस्तान व पीओके में भारी तबाही मचायी है. इस्लामाबाद सहित कई उत्तरी शहरों में जोरदार झटके महसूस किये गये. पीओके में 20 लोगों की मौत हो गयी, जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हैं. पीओके में जमीन में बड़ी दरारें पड़ गयीं. कारें, बसें और अन्य वाहन धंस गये.

इधर, दिल्ली समेत पूरा उत्तर भारत भी भूकंप के तेज झटके से दहल उठा. अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण के अनुसार भूकंप का केंद्र पीओके में न्यू मीरपुर के निकट स्थित था. पाकिस्तान के मौसम विभाग ने कहा कि भूकंप की तीव्रता 5.8 मापी गयी.
भूकंप की वजह : हिमालयन बेल्ट की फॉल्ट लाइन के कारण एशियाई इलाके में ज्यादा भूकंप आते हैं. इसी फॉल्ट लाइन में हिंदूकुश रीजन भी आता है. 2015 के अप्रैल-मई में नेपाल में आये भूकंप के कारण करीब 8 हजार लोगों की मौत हुई थी.
300 से ज्यादा लोग घायल, कई की हालत गंभीर
पीओके के मीरपुर में भूकंप से कई इमारतों के गिरने की खबर है. सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं. कई वाहन पलट गये. कारें गहरे गड्ढों में गिर गयीं. अस्पतालों में आपात स्थिति घोषित की गयी है. यहां दोपहर तीन बजे भूकंप का पहला झटका महसूस किया गया था. इसके बाद शाम 4:21 से 4:31 के बीच भूकंप के झटके आये. पाक के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक झेलम में भी नुकसान हुआ है.
ऊपरी झेलम नहर क्षतिग्रस्त हुई है और विभिन्न गांवों में नहर का पानी प्रवेश कर गया है़ वहीं, कोहाट, चारसद्दा, कसूर, फैसलाबाद, गुजरात, सियालकोट, ऐबटाबाद, मनसेहरा, चित्राल, मलकंद, मुल्तान, ओकारा, नौशेरा, अटक और झंग सहित कई शहरों में तबाही मची है. मीरपुर के मंगला बांध स्थित बिजली घर को बंद कर दिया गया है. इस वजह से राष्ट्रीय ग्रिड को 900 मेगावाट बिजली की आपूर्ति बंद हो गयी है.
भारत के इन क्षेत्रों में महसूस किये गये झटके
भारत के उत्तरी हिस्से में शाम 4:30 बजे के आसपास झटके महसूस किये गये. भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.3 मापी गयी है. जम्मू-कश्मीर में भूकंप की सबसे ज्यादा तीव्रता थी. झटके हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश की अलग-अलग जगहों पर भी महसूस किया गया है.
लगातार खिसक रहा है हिमालय
हिमालयन फॉल्ट लाइन पर भारत सरकार की मदद से अमेरिकी वैज्ञानिकों ने एक स्टडी की थी. यह स्टडी यूएस जर्नल लिथोस्फीयर और जेजीआर में छपी थी. इसके मुताबिक, हिमालय 700 साल पुरानी फॉल्ट लाइन पर मौजूद है. यह फॉल्ट लाइन ऐसे मुहाने पर पहुंच चुकी है, जिसकी वजह से कभी भी वहां ऐसा भूकंप आ सकता है, जो पिछले 500 साल में नहीं देखा गया हो.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >