के सिवन हुए भावुक तो गौरव पांधी ने कहा-बेवकूफाना हरकत, सोशल मीडिया में मिला मुंहतोड़ जवाब

चंद्रयान-2 सॉफ्ट लैंडिंग से चूक गया, जिसके बाद इसरो चीफ के सिवन भावुक हो गये और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गले लगकर रोने लगे. इस भावुक पल को देखकर देश के लोग भी भावुक हैं, क्योंकि चंद्रयान-2 मिशन के प्रति वे पूरी तरह समर्पित थे और दिन रात इसके लिए काम कर रहे थे. के […]

चंद्रयान-2 सॉफ्ट लैंडिंग से चूक गया, जिसके बाद इसरो चीफ के सिवन भावुक हो गये और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गले लगकर रोने लगे. इस भावुक पल को देखकर देश के लोग भी भावुक हैं, क्योंकि चंद्रयान-2 मिशन के प्रति वे पूरी तरह समर्पित थे और दिन रात इसके लिए काम कर रहे थे.

के सिवन के भावुक होने पर राजनीतिक विश्लेषक गौरव पांधी ने एक ट्‌वीट किया है, जिसमें उन्होंने लिखा है- मैं उम्मीद कर रहा था कि इसरो के अध्यक्ष कुछ बेहतर व्यवहार करेंगे, क्योंकि असफलताओं के जरिये ही सफलता की नींव रखी जाती है. इसरो के प्रयासों की पूरा विश्व सराहना कर रहा है, लेकिन के सिवन के कद का व्यक्ति बच्चों की तरह रो रहा है, यह बेवकूफाना हरकत है.

पांधी अपने इस ट्‌वीट के बाद ट्रोल हो रहे हैं. Prabha ने पांधी को जवाब देते हुए ट्‌वीट किया है-यह बेवकूफाना ट्‌वीट है. इस तरह की पोस्ट करने वाले उनकी भावनाओं और समर्पण को समझ नहीं पायेंगे. पूरा देश डॉ सिवन के साथ है.
Pradeep Bhandari ने गौरव पांधी को जवाब देते हुए लिखा कि ऐसा तब होता है जब आप किसी लक्ष्य को साधने के लिए पूरी मेहनत से काम करते हुए लेकिन अंतिम क्षणों में आप लक्ष्य से दूर हो जाते हैं. उन्होंने तंज कसते हुए लिखा है कि गौरव हर कोई अपनी असफलता का श्रेय ईवीएम पर नहीं डालता.
meghnad ने ट्‌वीट किया है. के सिवन ने अपने हृदय और आत्मा को इस मिशन से जोड़ा था. उनका रोना इस बात का सुबूत है कि वे किस कदर इस मिशन से जुड़े थे. अगर आप समझ नहीं सकते तो आपकी कोई मदद नहीं कर सकता.
Sidrah ने ट्‌वीट किया है- आप ठीक तो है ना? उन्होंने इस मिशन के पीछे वर्षों लगाया था, उस इंसान के लिए इस तरह की भाषा अनुचित है, वे प्रचार पाने के लिए यह सब नहीं कर रहे थे.
Subba Rao ने ट्‌वीट किया है-आप जैसे कठोर व्यक्ति इस तरह की भावनाओं को समझ नहीं सकते, इसलिए जाने दीजिए भूल जायें.
Rituparna Chatterjee ने गौरव पांधी को जवाब देते हुए ट्‌वीट किया है- गौरव आपको इस वक्त इस तरह की बातें नहीं करनी चाहिए. किसी काम को पूरे समर्पण से करना, उसमें डूब जाना पर उस काम का सफल ना होना व्यक्तिगत नुकसान की तरह है. उनका रोना उनके समर्पण को दर्शाता है, जिसे समझने की जरूरत है.
Manak Gupta ने ट्‌वीट किया- यह अपने देश के वैज्ञानिको का उत्साह बढ़ान के बेहतरीन तरीका है. यह स्वाभाविक है, जब आप किसी काम में अपना दिल और आत्मा दोनों लगाते हैं. क्रिकेटर भी बेवकूफ हैं, जब वे विश्वकप हारने पर रोते हैं.

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