1:52 AM में चांद की सतह पर उतरने वाला था चंद्रयान-2 नही मिल पाया लैंडर का सही लोकेशन

बेंगलुरु : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार देर रात चंद्रयान-2 के लैंडर ‘विक्रम’ के चांद पर उतरने के ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए येलहांका एयरबेस पहुंचे. प्रधानमंत्री एक विशेष विमान से यहां आये और उनका स्वागत करने के लिए राज्यपाल वैजुभाई वाला, मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा, केंद्रीय मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा और प्रह्लाद […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

बेंगलुरु : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार देर रात चंद्रयान-2 के लैंडर ‘विक्रम’ के चांद पर उतरने के ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए येलहांका एयरबेस पहुंचे. प्रधानमंत्री एक विशेष विमान से यहां आये और उनका स्वागत करने के लिए राज्यपाल वैजुभाई वाला, मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा, केंद्रीय मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा और प्रह्लाद जोशी और कर्नाटक के राजस्व मंत्री आर अशोक और राज्य के भाजपा प्रमुख नलीन कुमार कटिल पहुंचे.

02:34 AMप्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर के जरीए इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई दी. उन्होंने लिखा कि वैज्ञानिकों ने भारत का मान बढ़ाया है. इसके साथ उन्होंने सबसे हौसला बनाए रखने को कहा है.

02:24 AMचंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम से संपर्क टूटा गया है, जिससे लैंजर से चंद्रमा की सतह की जानकारी नहीं मिल पा रही है. इसरो सेंटर में मौजूद वैज्ञानिकों और अन्य लोगों एवं बच्चों को उदास देखकर पीएम मोदी ने वहां मौजूद सभी लोगों की हौसला अफजाई की. नरेंद्र मोदी ने इसरो चीफ के सीवन की पीठ भी थपथपाई, और इस उपलब्धि पर बधाई दी.

1:52 AM में चांद की सतह पर उतरने वाला था चंद्रयान-2 लेकिन 2:00 AM तक लैंडर विक्रम का सही लोकेशन नही मिल पा रही हैं. वैज्ञानिक प्‍लान बी के जरिये डाटा क्‍लेक्‍ट करने की कोशिश कर रहे हैं.

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने दिन में ट्वीट किया था, ‘मैं बेंगलुरु के इसरो केंद्र में भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए बेहद उत्साहित हूं.’ लैंडर ‘विक्रम’ शुक्रवार देर रात डेढ़ बजे से ढाई बजे के बीच चांद की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करेगा. ‘विक्रम’ के अंदर रोवर ‘प्रज्ञान’ है जो शनिवार सुबह साढ़े पांच से साढ़े छह बजे के बीच बाहर निकलेगा.

भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के इतिहास के इस अभूतपूर्व क्षण का गवाह बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेंगलुरु स्थित इसरो के केंद्र में मौजूद रहेंगे. प्रधानमंत्री मोदी, ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता के जरिए इसरो द्वारा देशभर से चुने गये दर्जनों छात्र-छात्राएं, बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी और अन्य लोग इसरो टेलीमेंट्री ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी) के जरिए यहां इस ऐतिहासिक लम्हे का सीधा नजारा देखेंगे.

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