IIT मद्रास के छात्रों ने बाढ़, भूकंप जैसी आपदाओं के लिए ''आपात राशन'' पैकेट तैयार किये

नयी दिल्ली : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के छात्रों ने बाढ़ और भूकंप के समय आपदा राहत अभियानों के दौरान वितरित करने के वास्ते ‘आपात राशन’ पैकेट तैयार किये हैं. इन पैकेटों में उपलब्ध भोजन को फौरन खाने के अलावा बाद में उगाया भी जा सकता है. ‘आपात राशन’ पैकेटों को ‘हरित सहायता’ नाम दिया […]

नयी दिल्ली : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के छात्रों ने बाढ़ और भूकंप के समय आपदा राहत अभियानों के दौरान वितरित करने के वास्ते ‘आपात राशन’ पैकेट तैयार किये हैं.

इन पैकेटों में उपलब्ध भोजन को फौरन खाने के अलावा बाद में उगाया भी जा सकता है. ‘आपात राशन’ पैकेटों को ‘हरित सहायता’ नाम दिया गया है. इसकी कीमत प्रति एक पैकेट करीब 25 रुपये है.

इसमें सूखा दलिया, बीज, दही का मिश्रण और स्वच्छ पेयजल का एक पैकेट है. आईआईटी मद्रास के छात्रों शिखर प्रकाश और मेघा अग्रवाल ने यह पैकेट तैयार किये हैं.

उन्होंने इसके लिए पेटेंट भी कराया है. इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की छात्रा अग्रवाल ने कहा, अकसर आपदा आने पर राहत के लिए पैकेटों का वितरण नहीं किया जाता और आमतौर पर पीड़ित लंबे समय तक फंसे रहते हैं.

ऐसे में यह राशन तुरंत खाया जा सकता है या पानी के पैकेट को बिना खोले ही फाड़ा जा सकता है ताकि बीज अंकुरित हो सके. छात्रा ने बताया कि मौजूदा राहत भोजन पैकेटों के विपरीत ये पैकेट पोषण से भरपूर हैं.

माइक्रोग्रीन विटामिन और खनिज से समृद्ध होते हैं. माइक्रोग्रीन के अंकुरित होने की अवधि पांच से सात दिन है और कई बार ये पूरी तरह से उगे हुए खाद्य पदार्थ के मुकाबले ज्यादा पोषणयुक्त होते हैं.

डिजाइन के छात्र प्रकाश ने कहा, व्यापक शोध और प्रयोग के बाद ऐसा खाद्य पदार्थ तैयार किया गया जो लोगों की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा कर सके. दोनों छात्रों ने आईआईटी-गांधीनगर में छह सप्ताह के वार्षिक कार्यक्रम में अपना उत्पाद पेश किया.

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