ग्रुप ‘ए” कार्यकारी कैडर अफसरों को संगठित समूह ‘ए” सेवा प्रदान करने के प्रस्ताव को मिली कैबिनेट की मंजूरी

नयी दिल्ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को समूह ‘ए’ कार्यकारी कैडर अधिकारियों को संगठित समूह ‘ए’ सेवा प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी. इसके तहत सशस्‍त्र बलों को समूह ‘ए’ कार्यकारी […]

नयी दिल्ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को समूह ‘ए’ कार्यकारी कैडर अधिकारियों को संगठित समूह ‘ए’ सेवा प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी. इसके तहत सशस्‍त्र बलों को समूह ‘ए’ कार्यकारी कैडर अधिकारियों को संगठित समूह ‘ए’ सेवा (ओजीएएस) प्रदान करने का प्रस्ताव किया गया है. इसके साथ ही, गैर-कार्यात्मक वित्तीय उन्नयन (एनएफएफयू) और गैर-कार्यात्‍मक चयन ग्रेड (एनएफएसजी) लाभों का विस्‍तार मिलेगा.

सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस मंजूरी से लाभान्वित होने वाले अधिकारियों की प्रशासनिक क्षमता में वृद्धि होगी और वे बेहतर परिणाम दे पायेंगे. केंद्रीय सशस्‍त्र बलों के अधिकारियों में प्रेरणा का स्‍तर ऊंचा उठेगा. इस फैसले से देश की आंतरिक सुरक्षा की जिम्‍मेदारी निभा रहे अधिकारी बेहतर सेवा मुहैया करायेंगे और इससे देश का चौतरफा विकास होगा.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के फरवरी, 2019 में दिये गये निर्देशों के मुताबिक यह फैसला किया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने गैर-कार्यात्मक वित्तीय उन्नयन (एनएफएफयू) और गैर-कार्यात्‍मक चयन ग्रेड (एनएफएसजी) लाभों का विस्‍तार देने को लेकर दिल्‍ली हाईकोर्ट द्वारा दिये गये फैसले को कायम रखा. केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के पात्र अधिकारियों को एनएफएफयू और एनएफएसजी का लाभ मिलेगा. मंत्रिमंडल के इस फैसले से 10 लाख कर्मी लाभान्वित होंगे, जिनमें 12,000 समूह ‘ए’ कार्यकारी कैडर के अधिकारी शामिल हैं.

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