सीवेज साफ करने के दौरान देश में हो रही मौत समाज के लिए अभिशाप : मानवाधिकार आयोग प्रमुख

नयी दिल्ली : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के प्रमुख न्यायमूर्ति एच एल दत्तू ने शुक्रवार को कहा कि सीवेज की सफाई के दौरान लोगों की मौत समाज के लिए ‘अभिशाप’ है. न्यायमूर्ति दत्तू ने कहा कि सरकार को ‘यह बताने की जरूरत है’ कि उसने सिर पर मैला ढोने की प्रथा को खत्म करने के […]

नयी दिल्ली : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के प्रमुख न्यायमूर्ति एच एल दत्तू ने शुक्रवार को कहा कि सीवेज की सफाई के दौरान लोगों की मौत समाज के लिए ‘अभिशाप’ है.

न्यायमूर्ति दत्तू ने कहा कि सरकार को ‘यह बताने की जरूरत है’ कि उसने सिर पर मैला ढोने की प्रथा को खत्म करने के लिए क्या किया है क्योंकि सिर्फ कानून बनाना नाकाफी है.

वह राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के एक मंच पर इस मुद्दे पर बात कर रहे थे. वह सिर पर मैला ढोने वाली कुप्रथा, इसकी चुनौतियों और इससे जुड़े मानवाधिकार विषय पर बात कर रहे थे.

दत्तू को यहां एक बयान में (एनएचआरसी) उद्धृत किया गया, सरकार को यह बताने की जरूरत है कि उसने इसको खत्म करने के लिए क्या किया. सिर्फ कानून बनाना पर्याप्त नहीं है.

जमीनी स्थिति बदलने की जरूरत है. वहीं सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण मंत्रालय के सचिव नील सॉने ने बताया कि इस प्रथा को खत्म करना सरकार की ‘शीर्ष’ प्राथमिकता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >