इलाज में लापरवाही को लेकर निजी अस्पताल पर 48 लाख रुपये का जुर्माना, जानें पूरा मामला

जयपुर : राज्य उपभोक्ता आयोग ने उपचार में लापरवाही के एक मामले में कोटपूतली के एक निजी अस्पताल पर 48 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. आयोग की पीठ ने परिवादी अनूप यादव की याचिका पर सुनवाई के बाद अस्पताल को उपचार में लापरवाही का दोषी पाया है. मामला महिला की प्री-मैच्योर डिलीवरी पर बच्चे […]

जयपुर : राज्य उपभोक्ता आयोग ने उपचार में लापरवाही के एक मामले में कोटपूतली के एक निजी अस्पताल पर 48 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. आयोग की पीठ ने परिवादी अनूप यादव की याचिका पर सुनवाई के बाद अस्पताल को उपचार में लापरवाही का दोषी पाया है.

मामला महिला की प्री-मैच्योर डिलीवरी पर बच्चे के उपचार के दौरान की गई लापरवाही का है. इसमें बच्चे की आंखों की रोशनी चली गयी. राज्य उपभोक्ता आयोग के पीठासीन सदस्य कमल कुमार बागड़ी व मीना मेहता की पीठ ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए हर्जाने की राशि परिवादी को देने के आदेश दिये.

यहां जारी आयोग के बयान के अनुसार प्रकरण में प्री-मैच्योर बच्चे को उपचार के दौरान माता-पिता की बिना सहमति के निर्धारित मात्रा से ज्यादा ऑक्सीजन देने पर रेटिना में सिकुड़न आ गई जिसके कारण बच्चा स्थाई रूप से अंधा हो गया.

परिजनों द्वारा बच्चे को इलाज के लिए अन्यत्र अस्पतालों में दिखाया गया लेकिन बच्चे के अंधेपन का इलाज नहीं हो सका.

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