जयपुर: राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे समय पर काम पूरा ना होने के कारण अपनी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने सूरतगढ सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन सातवीं व आठवीं इकाईयों का निरीक्षण किया.
राजे ने निर्धारित समय में प्रोजेक्ट पूरा नहीं करने पर भेल (भारत हैवी इलेक्टरीकल्स लि.) पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रदेशवासियों को 24 घंटे घरेलू और 7 से 8 घंटे कृषि बिजली उपलब्ध करवाना है. इसलिये इतने महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट में देरी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. निरीक्षण के दौरान भेल के चेयरमैन बी. प्रसाद राव भी मौजूद थे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के साथ भेल ने जो करार किया था उस तय समय में यह काम अभी तक पूरा नहीं किया गया है. राज्य सरकार ने तो इन इकाईयों की सारी जिम्मेदारी भेल को सौंप दी थी. भेल ने करार के अनुरुप निर्धारित समय पर काम न कर राज्य सरकार का विश्वास तोडा है. राजे ने भेल के अधिकारियों को साफ तौर पर कहा कि वे नई समय सीमा निर्धारित कर यह काम पूरा करें अन्यथा अन्य कम्पनियों के प्रस्ताव पर भी राज्य सरकार विचार कर सकती है. उल्लेखनीय है कि इन परियोजनाओं के निर्धारित समय में 7 माह की देरी हो चुकी है. भेल का करार था कि वह इन परियोजनाओं को 2016 में रबी की फसल से पूरी करेगी.
सूरतगढ सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट के निरीक्षण के दौरान कुछ श्रमिकों ने मुख्यमंत्री से शिकायत की कि उन्हें मई माह का वेतन नहीं मिला है. राजे ने वहां कार्य कर रही कम्पनी पॉवर मैक के अधिकारियों से इसका कारण पूछा तथा श्रमिकों को समय पर वेतन की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये. निरीक्षण के दौरान कुछ मजदूरों ने मुख्यमंत्री से कहा कि स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दी जाती। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित कम्पनी के अधिकारियों से कहा कि बाहरी लोगों के साथ-साथ स्थानीय मजदूरों को भी रोजगार दिया जाना चाहिये.
