नयी दिल्ली : पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस का अंतिम संस्कार कल किया जायेगा. उनकी सहयोगी और समता पार्टी की पूर्व अध्यक्ष जया जेटली ने कहा कि पहले वे कहा करते थे कि उनका दाह संस्कार किया जाये, लेकिन अपने अंतिम दिनों में वे चाहते थे कि उनके पार्थिव शरीर को दफनाया जाये. इसलिए पहले हम उनका दाह संस्कार करेंगे उसके बाद राख को दफनाया जायेगा, ताकि उनकी दोनों इच्छा पूरी हो जाये.
तेजतर्रार मजदूर नेता और समाजवादी जॉर्ज फर्नांडिस उन चंद राजनेताओं में से एक थे जिन्होंने जाति, धर्म और क्षेत्रीय पहचान से ऊपर उठ राष्ट्रीय राजनीति पर एक अमिट छाप छोड़ी. मंगलुरु में 1930 में एक ईसाई परिवार में जन्मे फर्नांडिस धुर कांग्रेस विरोधी नेता थे.1990 के दशक के मध्य में भाजपा के साथ उनके गठजोड़ ने गठबंधन की राजनीति में अलग-थलग पड़ी भगवा पार्टी की अश्पृश्यता समाप्त की. आपातकाल के खिलाफ उनके भूमिगत संघर्ष ने उन्हें एक प्रमुख विपक्षी नेता के रूप में पहचान दी.बिखरे बाल और हाथ में बेड़ी वाली उनकी एक तस्वीर उस दौर की सबसे यादगार तस्वीरों में एक है.
