नयी दिल्ली : तिहाड़ जेल के कैदी अब कारागार में इंडियन बैंक की शाखा में काम करेंगे. अच्छे व्यवहार और शैक्षिक योग्यता के आधार पर कैदियों का चयन कर उन्हें शाखा में गैर-संवेदनशील पदों पर रखा जायेगा. तिहाड़ के प्रवक्ता सुनील गुप्ता ने कहा कि अर्द्ध खुले कारागार (एसओपी-सेमी ओपन प्रिजन) के कैदियों को उनकी शैक्षिक योग्यता के आधार पर भृत्य, सुरक्षा गार्ड और कंप्यूटर ऑपरेटर जैसे पदों पर काम दिया जायेगा.
जिन कैदियों का आचरण अच्छा रहता है और जो शारीरिक तथा मानसिक रूप से स्वस्थ रहते हैं, उनका चयन एसओपी के लिए किया जाता है. एसओपी में रहने के लिए कैदियों की सजा की अवधि पांच साल से 12 साल के बीच होनी चाहिए. अब तक एसओपी के कैदियों को जेल के अंदर लोक निर्माण विभाग की योजनाओं और तिहाड़ परिसर के कारागार कारखाने में काम दिया जाता रहा है.
