इसरो 30 जून को करेगा पांच विदेशी उपग्रहों का प्रक्षेपण

नयी दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान परिषद (इसरो) 30 जून को फ्रांस, कनाडा, जर्मनी और सिंगापुर के लिए पांच उपग्रहों का प्रक्षेपण करेगा. इसरो ने आज बताया कि भारत व्यावसायिक करारों के तहतस्वदेश निर्मित पीएसएलवी-सी23 प्रक्षेपास्त्र मुख्य पेलोड के तौर पर 714 किलोग्राम वजनी फ्रेंच अर्थ ऑब्जर्वेशन सेटेलाइट ‘स्पॉट-7’ को लेकर जाएगा. इसमें जर्मनी का 14 […]

नयी दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान परिषद (इसरो) 30 जून को फ्रांस, कनाडा, जर्मनी और सिंगापुर के लिए पांच उपग्रहों का प्रक्षेपण करेगा. इसरो ने आज बताया कि भारत व्यावसायिक करारों के तहतस्वदेश निर्मित पीएसएलवी-सी23 प्रक्षेपास्त्र मुख्य पेलोड के तौर पर 714 किलोग्राम वजनी फ्रेंच अर्थ ऑब्जर्वेशन सेटेलाइट ‘स्पॉट-7’ को लेकर जाएगा.

इसमें जर्मनी का 14 किलोग्राम वजनी एआईएसएटी, कनाडा के एनएलएस 7.1 (कैन-एक्स4) और दो एनएलएस 7.2 (कैन-एक्स5) उपग्रह होंगे जिनका वजन 15-15 किलोग्राम है और सिंगापुर का 7 किलोग्राम वजनी वेलॉक्स-1 होगा.इन पांच उपग्रहों का प्रक्षेपण इसरो की शाखा एंट्रिक्स के संबंधित विदेशी एजेंसियों के साथ हुए समझौतों के तहत श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया जाएगा.

इसरो के प्रवक्ता बी आर गुरुप्रसाद ने बताया, ‘‘प्रक्षेपण अधिकार बोर्ड (लैब) से मंजूरी मिलने के बाद मिशन के लिए 49 घंटे की उल्टी गिनती 28 जून को सुबह 8:49 बजे शुरु होगी.’’ इसरो की शाखा एंट्रिक्स 1999 से जर्मनी, फ्रांस, कनाडा, सिंगापुर, डेनमार्क, ऑस्ट्रिया, जापान, लक्जमबर्ग, अल्जीरिया, स्वीडन, तुर्की, अर्जेंटीना, बेल्जियम, इस्राइल, इटली और कोरिया जैसे देशों के 35 उपग्रहों का प्रक्षेपण करने में मदद कर चुकी है.

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