-इंटरनेट डेस्क-
नयी दिल्ली:आम आदमी पार्टी के लिए जहां एक ओर मुश्किलों का दौर चल रहा है वहीं पार्टी के नेता कुमार विश्वास इस पचड़े से अलग होकर शेरो-शायरी में लगे हुए हैं. शुक्रवार और शनिवार को आप नेताओं की पीएसी की बैठक चली. इस बैठक में केजरीवाल ने पार्टी छोड़कर जाने वाली नेता शाजिया इल्मी को वापस लाने की बात की है. साजिया गाजियाबाद से चुनाव हारने के बाद पार्टी छोड़ दिया था.
पार्टी नेता कुमार विश्वास को लगता आप के नेता भूल ही गये हैं. विश्वास अमेठी से कांग्रेस उपाध्यक्ष के खिलाफ लडे थे जो हार भी गये. जिसके बाद वे कहीं नजर भी नहीं आ रहे हैं. अमेठी में प्रचार को लेकर भी यह चर्चा थी कि विश्वास पर पार्टी के नेता ध्यान नहीं दे रहे हैं. यहां तक की पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी अंतिम समय में अमेठी में विश्वास के पक्ष में प्रचार किया.
दो दिनों तक चली पीएसी की बैठक से इतर विश्वास का शेरो शायरी में इस तरह लगे रहना इस बात के संकेत देते हैं कि वे इस तरह की पॉलिटिक्स से सन्यास लेने के फिराक में तो नहीं. आज विश्वास ने अपने ट्विटर अकाउंट में लिखा है….
"बदलने को तो इन आँखों के मंज़र कम नहीं बदले,
तुम्हारी याद के मौसम, हमारे गम नहीं बदले,
तुम अगले जन्म में हम से मिलोगी, तब तो मानोगी,
ज़माने और सदी की इस बदल में हम नहीं बदले…!"
