नयी दिल्ली:दिल्ली की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को स्वान टेलीकॉम के प्रमोटर शाहिद उस्मान बलवा का बयान नये सिरे से रिकॉर्ड करने के लिए उसके आग्रह को स्वीकार करते हुए उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया. उसने 2जी घोटाले से संबंधित मुकदमे में अदालत को दिये अपने पूर्व के जवाब को वापस लेने का आग्रह किया था. विशेष सीबीआइ न्यायाधीश ओपी सैनी ने हालांकि, 2जी मामले में आरोपी बलवा की जमानत रद्द करने की सीबीआइ दलील स्वीकार नहीं की.
अदालत ने यह आदेश बलवा की उस याचिका पर पारित किया, जिसमें उसने अपनी पूर्व की पेशी के दौरान दिये गये अपने जवाब वापस लेने की अनुमति मांगी थी. सीबीआइ ने तर्क दिया था कि बलवा का बयान कुछ और नहीं, बल्कि अदालत का ध्यान ‘भटकाने’ का ‘कुत्सित प्रयास’ है. जिरह के दौरान विशेष सरकारी अभियोजक यूयू ललित ने कहा कि बलवा का पूर्व का तर्क कि वह सीआरपीसी के प्रावधानों के तहत अदालत द्वारा पूछे गये सवालों को समझने में असफल रहा, ‘कोई लापरवही पूर्ण त्रुटि नहीं’ है, बल्कि यह एक ‘सोचा समझा’ कदम है.
राजा के अतिरिक्त, कनिमोझी और बलवा, पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा, पूर्व में राजा के निजी सचिव रहे आरके चंदोलिया, विनोद गोयनका, यूनीटेक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा और रिलायंस एडीएजी के एक्जीक्यूटिव गौतम दोशी, सुरेंद्र पिपारा तथा हरि नायर मामले में मुकदमे का सामना कर रहे हैं. कुसेगांव फ्रूट्स एंड वेजीटेबल्स लिमिटेड, आसिफ बलवा और राजीव अग्रवाल, शरद कुमार और बॉलीवुड निर्माता करीम मोरानी भी मामले में आरोपी हैं. इन 14 आरोपियों के अतिरिक्त तीन दूरसंचार कंपनियां स्वान टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड, रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड और यूनीटेक वायरलेस (तमिलनाडु) लिमिटेड भी मामले में मुकदमे का सामना कर रही हैं.
