नयी दिल्ली : हरियाणा कैडर की एक महिला आईएएस आफिसर द्वारा पहले फेसबुक पोस्ट के जरिये और फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अडिशनल चीफ सेक्रेटरी सुनील गुलाटी पर यौन शोषण का आरोप लगाये जाने के बाद आरोपी अधिकारी का स्पष्टीकरण आया है.
अडिशनल चीफ सेक्रेटरी गुलाटी ने कहा-आरोप बेबुनियाद है. हमें पता चला कि वे कुछ परेशानी में हैं. हमने अपने स्टॉफ को आदेश दिया था कि उसकी देखभाल करे. लेकिन उसने स्टॉफ से भी दुर्व्यहार किया. यह मेरी ड्यूटी है कि मैं अपने स्टॉफ को ट्रेनिंग करूं. यह उसपर है कि वह सीखना चाहती है या नहीं. अगर उसे परेशानी है तो सरकार उसका ट्रांसफर कर दे. मैं जांच के लिए तैयार हूं, यहां तक कि लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए भी तैयार हूं.
गौरतलब है कि महिला ने फेसबुक पोस्ट के जरिये यह आरोप लगाया है कि उसका यौन शोषण किया जा रहा है. उन्होंने अपनी शिकायत राष्ट्रपति के पास भेजी है. उन्होंने लिखा है कि 18 मई और 19 मई को अपने आफिस में पांच बजे के बाद बुलाया और 7-8 बजे तक रोक कर रखा. उन्होंने लिखा है कि कुछ फाइलों में जिसमें कुछ गड़बड़ी नजर आयी थी मैंने उसपर नोट लिखा, जिसके लिए मुझे डांटा गया. उन्होंने मुझे ट्रांसफर की धमकी दी.
जून महीने की छह तारीख को भी उन्होंने मुझे अपने अॅाफिस में बुलाया और आपत्तिजनक व्यवहार किया. ऐसा मेरा साथ पहली बार नहीं हुआ है, पहले भी मेरे साथ ऐसा होता रहा है. महिला के आरोपों के बाद हरियाणा सरकार ने इस मामले में जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित कर दी है.
