‘ईदगाह’ के हामिद से मिली थी उज्जवला योजना की प्रेरणा : नरेंद्र मोदी

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उज्ज्वला योजना की लाभार्थियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई बातचीत में मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखी गयी कहानी ‘ईदगाह’ का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस कहानी के नायक जो कि एक बच्चा है ‘हामिद’ से मैं बहुत प्रभावित हूं, उसी से प्रेरणा लेकर मैं अपने […]


नयी दिल्ली :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उज्ज्वला योजना की लाभार्थियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई बातचीत में मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखी गयी कहानी ‘ईदगाह’ का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस कहानी के नायक जो कि एक बच्चा है ‘हामिद’ से मैं बहुत प्रभावित हूं, उसी से प्रेरणा लेकर मैं अपने देश की महिलाओं के लिए ‘उज्ज्वला योजना’ लेकर आया हूं. जब वह बच्चा मेले में मिठाई ना खाकर अपनी दादी के लिए चिमटा लेकर आता है, तो क्या मैं अपने देश की महिलाओं के लिए कुछ नहीं कर सकता.

गौरतलब है कि मुंशी प्रेमचंद की कहानी ‘ईदगाह’ बहुत चर्चित है, जिसमें एक गरीब परिवार का बच्चा हामिद अपनी दादी को रोटी बनाते देखकर बहुत दुखी होता था क्योंकि रोटी सेंकते वक्त उनका हाथ जल जाता था. इसलिए जब वह मेले में गया तो वहां मिठाई खाने की बजाय दादी के लिए चिमटा लेकर आया था ताकि उनका हाथ ना जले.
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि पिछले चार साल में 10 करोड़ एलपीजी कनेक्शन बांटे गये. इनमें चार करोड़ कनेक्शन गरीब महिलाओं को मुफ्त में दिये गये. जबकि आजादी के बाद के छह दशकों में मात्र 13 करोड़ कनेक्शन ही बांटे गये. प्रधानमंत्री मोदी ने उज्ज्वला योजना की लाभार्थी महिलाओं से बातचीत के दौरान यह बात कही. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने महिलाओं और बच्चों को रसोई के धुंए से बचाने के प्रयास तेज किये हैं. इस दौरान अपने बचपन की यादों को साझा करते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने भी अपनी मां को रसोई में चूल्हे में लकड़ी और गोबर के उपलों से उठने वाले धुंए के साथ संघर्ष करते देखा है.

उन्होंने कहा कि आने वाले भविष्य में वह स्वच्छ ईंधन को 100% घरों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. मोदी ने कहा , ‘‘ वर्ष 2014 तक केवल 13 करोड़ एलपीजी कनेक्शन बांटे गए थे. यह भी अधिकतर अमीर या सक्षम लोगों को दिए गए. पिछले चार साल में हमने 10 करोड़ नए एलपीजी (रसोई गैस) कनेक्शन बांटे हैं. वह भी अधिकतर गरीब लोगों को. ‘ उज्ज्वला योजना ‘ ने गरीब , हाशिए पर रहने को मजबूर , दलित और आदिवासी समुदाय को मजबूती प्रदान की है. सामाजिक सशक्तीकरण में इस पहल की केंद्रीय भूमिका है.’

गौरतलब है कि मई 2016 में शुरू की गयी उज्ज्वला योजना का लक्ष्य अगले तीन सालों में पांच करोड़ लोगों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देना है. विशेषकर ऐसी महिलाओं या परिवारों को जो बेहद गरीब हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि ‘ उज्ज्वला योजना ‘ समाज में बदलाव लेकर आयी है और इसके चार करोड़ लाभार्थियों में से 45 फीसदी दलित और आदिवासी हैं. मोदी सरकार की अहम कल्याणकारी इस योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों तक एलपीजी सिलेंडर मुहैया कराना है. योजना के लाभार्थियों से बातचीत में उन्होंने उनकी सरकार में दलितों को मिले फायदों की तुलना कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार के तहत मिले फायदों से की.

उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार के दौरान 2010-14 में दलितों को 445 पेट्रोल पंप मिले जबकि उनकी सरकार में 2014-18 के दौरान उन्हें 1200 से अधिक मिले। मोदी ने कहा , ‘जब से लोगों को उज्ज्वला योजना के तहत लाभ मिलने शुरू हुए तब से समाज में एक बड़ा बदलाव देखा गया. आपको बताते हुए मुझे खुशी हो रही है कि इसके चार करोड़ लाभार्थियों में से 45 फीसदी दलित और आदिवासी हैं.’ उन्होंने कहा , ‘2014 तक 13 करोड़ परिवारों को एलपीजी कनेक्शन मिले. इसका मतलब है कि छह दशकों तक यह आंकड़ा 13 करोड़ पर पहुंचा. ज्यादातर अमीर लोगों को एलपीजी कनेक्शन मिले.

पिछले चार वर्षों में 10 करोड़ नए कनेक्शन दिए गए और गरीबों को लाभ पहुंचाया गया.’ भाषण के बाद मोदी ने योजना के लाभार्थियों से बातचीत भी की. कश्मीर के अनंतनाग में महिलाओं के एक समूह ने उन्हें बताया , ‘ यह रमजान का महीना है. हम रोज पवित्र कुरान पढ़ते हैं. हम रोज आपके लिए दुआ करते हैं और हम उम्मीद करते हैं कि आप प्रधानमंत्री बने रहेंगे. ‘ मोदी ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि जब वह युवा थे तो उनके कई मुस्लिम पड़ोसी थे. उन्होंने महिलाओं से कहा , ‘ मेरे कई मित्र मुस्लिम थे. मुझे याद है कि रमजान के दौरान महिलाएं सुबह जल्दी उठती थीं लेकिन उज्ज्वला योजना के आने के बाद यह भी बदला होगा..’

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