शारीरिक कमजोरी को आकांक्षाओं की राह में बाधक नहीं बनने दिया : लावण्या

नयी दिल्ली : सीबीएसई की 12 वीं कक्षा की परीक्षा में अशक्त विद्याथियों की श्रेणी में तीसरा स्थान हासिल करने वाली लावण्या झा ने कहा है कि उसने आंशिक अशक्तता को अपनी आकांक्षाओं की राह में बाधक नहीं बनने दिया. लावण्या ने इस परीक्षा में 97. 4 प्रतिशत अंक हासिल किया है. उसने दो साल […]

नयी दिल्ली : सीबीएसई की 12 वीं कक्षा की परीक्षा में अशक्त विद्याथियों की श्रेणी में तीसरा स्थान हासिल करने वाली लावण्या झा ने कहा है कि उसने आंशिक अशक्तता को अपनी आकांक्षाओं की राह में बाधक नहीं बनने दिया. लावण्या ने इस परीक्षा में 97. 4 प्रतिशत अंक हासिल किया है. उसने दो साल पहले इस परीक्षा की तैयारी शुरू की थी, जब वह पटना से दिल्ली आई थी.

लावण्या ने बताया , ‘‘ मैं अपने माता पिता और घर से दूर रही. एक छात्रावास में रही. जिस पाठ्यक्रम की मैं पढ़ाई करना चाहती थी वह पटना में उपलब्ध नहीं था और इसी वजह मैं 11 वीं और 12 वीं कक्षा की पढ़ाई के लिए दिल्ली आई. ‘ डीपीएस आरके पुरम की यह छात्रा 40 प्रतिशत दृष्टि बाधित है और उसे 2014 में इस बारे में पता चला था.
लावण्या ने बताया कि वह अपनी परीक्षा के लिए तीन से चार घंटे पढ़ाई किया करती थी. वह अब लेडी श्री राम कॉलेज से मनोविज्ञान (आनर्स) करना चाहती है. उसके पिता पटना में एक निजी बैंक में एक अधिकारी हैं. उसकी मां गृहिणी हैं. गौरतलब है कि सीबीएसई ने आज 12 वीं की बोर्ड के नतीजे घोषित किए.

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