सेना प्रमुख ने पाकिस्तान को दी चेतावनी, कहा-शांति चाहिए, तो आतंकियों को भेजना बंद करे

पहलगाम (जम्मू कश्मीर) : सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने शुक्रवार को कहा कि जम्मू कश्मीर में सेना की ओर से रोके गये अभियान की अवधि बढ़ायी जा सकती है, लेकिन आतंकवादियों की किसी भी हरकत पर इस पर तुरंत फिर से विचार करना होगा. रावत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान अगर शांति बनाये […]

पहलगाम (जम्मू कश्मीर) : सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने शुक्रवार को कहा कि जम्मू कश्मीर में सेना की ओर से रोके गये अभियान की अवधि बढ़ायी जा सकती है, लेकिन आतंकवादियों की किसी भी हरकत पर इस पर तुरंत फिर से विचार करना होगा.

रावत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान अगर शांति बनाये रखना चाहता है तो उसे राज्य में आतंकियों को भेजना बंद करना चाहिए. श्रीनगर से 95 किलोमीटर दूर पहलगाम में एक कार्यक्रम में जनरल रावत ने संवाददाताओं से कहा,‘अगर पाकिस्तान वाकई शांति चाहता है तो हम चाहते हैं कि वह सबसे पहले अपनी तरफ से आतंकवादियों की घुसपैठ कराना बंद करे. संघर्षविराम का उल्लंघन ज्यादातर घुसपैठ को मदद करने के लिए ही किया जाता है.’ सेना प्रमुख ने कहा कि भारत सीमा पर शांति चाहता है, लेकिन पाकिस्तान ने लगातार संघर्षविराम का उल्लंघन किया है जिससे जान-माल का नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा, ‘जब ऐसी हरकत होती है तो हमें भी जवाब देना पड़ता है. हम चुप नहीं बैठक सकते. अगर संघर्षविराम का उल्लंघन होगा तो हमारी तरफ से कार्रवाई की जायेगी.’

जनरल रावत ने कहा कि शांति के लिए जरूरी है कि सीमा पार से आतंकवाद का खात्मा हो. सेना प्रमुख ने कहा कि जम्मू कश्मीर में आतंकवाद रोधी अभियान रोकने की पहल का मकसद है कि लोगों को शांति का फायदा मिले. उन्होंने कहा, ‘अगर शांति का यह माहौल कायम रहा तो मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि हम एनआईसीओ (अभियान की शुरुआत नहीं) को जारी रखने के बारे में विचार करेंगे. लेकिन, आतंकवादियों ने कोई हरकत की तो हमें इस संघर्षविराम या अभियान रोकने या एनआईसीओ पर फिर से सोचना होगा.’

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