बेंगलुरू : आज कर्नाटक में जेडीएस नेता एचडी कुमारास्वामी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. वे दूसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं, वे वर्ष 2006-07 में भी प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे. कुमारास्वामी के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ दलित नेता जी परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री की शपथ ली. जी परमेश्वर पिछले आठ वर्षों से कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं और चार बार विधायक रह चुके हैं.
इस शपथ ग्रहण की विशेषता रही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोधियों की एकजुटता. इस शपथ ग्रहण समारोह में एक ओर जहां मायावती, अखिलेश यादव, शरद यादव, तेजस्वी यादव, ममता बनर्जी, चंद्रबाबू नायडू और अरविंद केजरीवाल जैसे नेताओं का जमावड़ा हुआ, वहीं कांग्रेस ने विपक्षी एकता के लिए यह साबित करने की कोशिश की, कि मोदी को सत्ता से दूर करने के लिए वह हर त्याग करने को तैयार है. कर्नाटक में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद कांग्रेस से जेडीएस को सरकार बनाने का मौका दिया है. कांग्रेस के इस कदम से क्षेत्रीय दल खुश हैं और वर्ष 2019 के चुनाव की तैयारियों को लेकर उत्साहित हैं.
कुमारास्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में विपक्ष के तमाम दिग्गज नेता उपस्थित थे, लेकिन कुछ लोगों की कमी दिखी, जो विपक्ष की एकजुटता के लिए जरूरी हैं. कहने का आशय यह है कि इस शपथ ग्रहण में बीजद नेता नवीन पटनायक, नीतीश कुमार और करुणानिधि की पार्टी से कोई नजर नहीं आया. ना तो स्टालिन और ना ही कनिमोझी इस समारोह में नजर आये. शिवसेना से भी कोई नेता इस समारोह में नहीं पहुंचा.बिहार से राजद नेता तेजस्वी यादव ने समारोह में उपस्थित थे, लेकिन झारखंड से कोई नेता यहां नहीं दिखा.
