मुंबई हमला: नवाज शरीफ के कबूलनामे पर बोलीं निर्मला सीतारमण- देर आए दुरुस्त आए

नयी दिल्ली : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पद से हटने के बाद मुंबई हमले को लेकर बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने स्वीकार किया है कि मुंबई हमले में पाकिस्तानी आतंकियों का ही हाथ था. उनके इस बयान पर रविवार को भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह नवाज शरीफ […]

नयी दिल्ली : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पद से हटने के बाद मुंबई हमले को लेकर बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने स्वीकार किया है कि मुंबई हमले में पाकिस्तानी आतंकियों का ही हाथ था. उनके इस बयान पर रविवार को भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह नवाज शरीफ का महत्वपूर्ण बयान है. भारत पहले से ही कहता आ रहा है कि 26/11 के हमले में पाकिस्तान का हाथ है.

उन्होंने कहा कि मुंबई हमले के मास्टर माइंड पाकिस्तान में बैठे थे और वहीं से हमले को ऑपरेट कर रहे थे. भारत हमले के बाद से ही यह कहता आ रहा है कि मुंबई हमले में पाकिस्तान का हाथ है. हमने हमले के बाद अजमल कसाब को जिंदा पकड़ा और पूरी कानूनी प्रक्रिया चली. कसाब पर दोष साबित हुआ. अब पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ भी इस बात को कबूल कर रहे हैं लेकिन इससे हमें आश्‍चर्य नहीं हो रहा…. चलो देर आए दुरुस्त आए…

नवाज शरीफ का कबूलनाम

नवाज शरीफ ने ‘द डॉन’ अखबार को दिये एक इंटरव्यू में कहा है कि पाकिस्तान में आतंकी संगठन सक्रिय हैं. क्या हमें उन्हें सीमा पार करने और मुंबई में 150 लोगों की हत्या करने की इजाजत दे देनी चाहिए? मुझे बताइए. रावलपिंडी आतंकरोधी अदालत में मुंबई हमलों का ट्रायल लंबित होने का हवाला देते हुए नवाज ने कहा कि हमने सुनवाई क्यों नहीं पूरी की? हम तो केस भी पूरा नहीं चलने देते. कहा कि अगर आप कोई देश चला रहे हैं, तो उसी के साथ में दो या तीन समानांतर सरकारें नहीं चला सकते. इसे बंद करना होगा. आप संवैधानिक रूप से केवल एक ही सरकार चला सकते हैं. शरीफ की इस स्वीकारोक्ति ने पाकिस्तान के हमेशा के उस दावे को भी खत्म कर दिया है, जिसमें वह आतंकियों को पालने के आरोपों से पल्ला झाड़ता रहा है. बता दें कि 26 नवंबर, 2008 को लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने मुंबई हमले को अंजाम दिया था. इस हमले में 166 लोगों की मौत हो गयी थी.

हमारे अपने लोगों ने मुझे बाहर कर दिया

शरीफ ने एक सवाल के जवाब में कहा कि मुझे अपने ही लोगों ने पाकिस्तान की सत्ता से बाहर कर दिया. कुर्बानियों के बावजूद हमारी बात कोई स्वीकार नहीं करता. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की बात को स्वीकार कर लिया गया, लेकिन हमारी नहीं. उन्होंने इस दौरान परवेज मुशर्रफ पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि देश में संविधान सबसे ऊपर है. हमने तानाशाह परवेज मुशर्रफ पर केस किया जो यह पहली बार था, इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ.

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