अगरतला : त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब के मारक बयानों की सूची में एक और बयान जुड़ गया है. उन्होंने अब कहा है कि उनकी सरकार में कोई नाखून भी नहीं मार सकता और अगर किसी ने नाखून मारा तो उसका नाखून काट लेना चाहिए.
एक के बाद एक अपने अजीबोगरीब बयानों के चलते विवादों में छाये रहनेवाले सीएम पर प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली तलब किये जाने की असर भी नहीं दिख रहा है. गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी के एक नेता के मुताबिक, एक के बाद एक कई विवादित बयान देकर आलोचना का शिकार हुए बिप्लब को 2 मई को दिल्ली में पेश होने के लिए कहा गया था. लेकिन देब पर इसका असर होता नहीं दिख रहा.
बिप्लब देब ने एक कार्यक्रम में कहा, बाजार में कोई सुबह 8 बजे तक ताजा लौकी लेकर आता है और 9 बजे तक उसमें इतना नाखून मार देते हैं कि वह बेचने के लायक नहीं होता. उसे गाय को खिलाना पड़ता है, नहीं तो घर वापस लेकर जाना पड़ता है.
मेरी सरकार में ऐसा नहीं होना चाहिए कि कोई भी उसमें उंगली मार दे, नाखून लगा दे. जिन्होंने नाखून लगाया, उसका नाखून काट लेना चाहिए. हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि सरकार से उनका मतलब बिप्लब देब नहीं, जनता है.
मालूम हो कि देब के विवादित बयानों का सिलसिला तब शुरू हुआ जब उन्होंने इंटरनेट के महाभारत काल से चले आने की बात कही. इसके बाद डायना हेडन को विश्व सुंदरी का खिताब दिये जाने पर देब ने सवाल उठाया और भारी आलोचना का सामना करना पड़ा. बाद में उन्हें माफी मांगनी पड़ी.
देब यहीं नहीं रुके. पहले उन्होंने कहा कि सिविल सेवाओं की परीक्षा के लिए मेकैनिकल इंजिनियरों को नहीं, सिविल इंजिनियरों को आवेदन करना चाहिए. रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने यहां तक कह डाला कि लोगों को सरकार से नौकरी मांगने केबजाय पान की दुकान खोल लेनी चाहिए.
