एटीएम की तरह हो रहा सिद्धरमैया सरकार का इस्तेमाल, अमित शाह का कांग्रेस पर बड़ा आरोप

मैसुरु : भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को दावा किया कि कर्नाटक के लोगों ने 12 मई को होनेवाले विधानसभा चुनाव में सिद्धरमैया सरकार को ‘उखाड़ फेंकने’ का मन बना लिया है, क्योंकि विभिन्न मोर्चों खासकर भ्रष्टाचार को लेकर वे उससे ‘निराश’ हैं. मैसुरु, मांड्या और रामनगर जिलों का दौरा कर रहे शाह ने […]

मैसुरु : भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को दावा किया कि कर्नाटक के लोगों ने 12 मई को होनेवाले विधानसभा चुनाव में सिद्धरमैया सरकार को ‘उखाड़ फेंकने’ का मन बना लिया है, क्योंकि विभिन्न मोर्चों खासकर भ्रष्टाचार को लेकर वे उससे ‘निराश’ हैं.

मैसुरु, मांड्या और रामनगर जिलों का दौरा कर रहे शाह ने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव में पुराने मैसुरु क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करेगी. मैसुरु क्षेत्र में कांग्रेस एवं पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के नेतृत्ववाली जनता दल (सेक्यूलर) के बीच चुनावी मुकाबला है. पिछले चुनाव में भाजपा इन जिलों में एक भी सीट नहीं जीत पायी थी. हासन, चमराजनगर, मैसुरु, मांड्या और रामनगर पुराने मैसुरु क्षेत्र में आते हैं. शाह ने कहा, ‘कर्नाटक के लोगों ने सिद्धरमैया सरकार को उखाड़ फेंकने का मन बना लिया है. वे कई मोर्चे पर उससे निराश है, भ्रष्टाचार प्रमुख मुद्दा है. भ्रष्टाचार और कांग्रेस पार्टी के बीच संबंध मछली और पानी के संबंध जैसा है.’

उन्होंने कहा, ‘कर्नाटक सरकार कांग्रेस के लिए एक एटीएम की तरह है जिसका इस्तेमाल भ्रष्टाचार के लिए किया गया.’ शाह ने आरोप लगाया कि सिद्धरमैया सरकार के शासन में भ्रष्टाचार के साथ ये संबंध और गहरे हुए हैं. उन्होंने कहा कि जद (एस) सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है, क्योंकि वह कुछ ही सीटें जीत सकती है और भाजपा अकेली पार्टी है जो कांग्रेस को हरा सकती है. भाजपा अध्यक्ष ने किसानों की आत्महत्या को लेकर कहा, ‘करीब 3,500 किसान आत्महत्या कर चुके हैं और सिद्धरमैया इन्हें मामूली घटनाएं बता रहे हैं. अपने राजनीतिक जीवन में मैंने किसानों की आत्महत्या को लेकर इतना गैरजिम्मेदाराना बयान नहीं देखा.’

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार चुनाव के बाद बीएस येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री बनने से रोकने और समुदाय को बांटने के उद्देश्य से लिंगायतों के लिए धार्मिक अल्पसंख्यक दर्जे का मुद्दा उठा रही है. शाह ने मैसुरु के वडियार शाही परिवार के साथ अपनी चर्चाओं का खुलासा करने से इनकार कर दिया. ऐसी अटकलें हैं कि पार्टी 12 मई को होनेवाले विधानसभा चुनाव में उनका समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘जहां तक शाही परिवार के सदस्यों के साथ मेरी मुलाकात की बात है, मैं केवल इतना कहना चाहता हूं कि यह एक शिष्टाचार भेंट थी. हालांकि, हमारे बीच क्या हुआ, मैं इसका खुलासा नहीं कर सकता.’ मैसुरू की यात्रा कर रहे शाह शुक्रवार को यहां शाही परिवार से उनके निजी महल में मिले थे जिससे शाही परिवार के भाजपा का समर्थन करने की अटकलें तेज हो गयीं.

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