नयी दिल्ली : दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर हुई मारपीट का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि आम आदमी पार्टी (आप) के एक और विधायक के विवादित बोल से राजनीति गरमा गयी है. आप विधायक नरेश बालियान ने कहा कि ऐसे अधिकारियों को मारना ही चाहिए.
दिल्ली के उत्तम नगर में एक रैली को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा, ‘अभी जो चीफ सेक्रेटरी के साथ हुआ, जो इन्होंने झूठा आरोप लगाया. मैं तो कहता हूं के ऐसे अधिकारियों को मारना चाहिए, ठोकना चाहिए. अगर कोई आम आदमी के फाइल को और काम को रोक के रखा है, वैसे अधिकारियों के साथ यही होना चाहिए.’
गौरतलब है कि आप विधायक ऐसे भड़काउ भाषण देते रहे और उसी मंच पर बैठे अरविंद केजरीवाल चुपचाप देखते रहे. बालियान ने कहा, आज दिल्ली के 2 लाख लोगों को राशन नहीं मिल रहा है और वो हमारे पास उनकी शिकायत कर रहे हैं तो ये जिम्मेदारी हमारी बनती है कि हम उसका निपटारा करेंगे.’ अरविंद केजरीवाल ने अधिकारियों पर नकेल कसा है, इसलिए ऐसे आरोप लग रहे हैं.
आपको बता दें कि मुख्य सचिव प्रकरण में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर आज दिल्ली पुलिस ने छापेमारी की. इस दौरान सीसीटीवी फुटेज और कुछ जरुरी दस्तावेज जब्त किये गये. इस छापेमारी के बाद केजरीवाल गुस्से में हैं. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने कहा, ‘खूब सारी पुलिस मेरे घर भेजी है. मेरे घर की छानबीन चल रही है. बहुत अच्छी बात है. पर जज लोया के कत्ल के मामले में अमित शाह से पूछताछ कब होगी?’ केजरीवाल ने कहा कि उनके मंत्रिमंडल ने इस मामले में उपराज्यपाल अनिल बैजल से मुलाकात का समय मांगा है.
मुख्य सचिव पर हमले के मामले में आप विधायकों की जमानत अर्जी खारिज
दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश पर कथित रूप से हमला करने के मामले में गिरफ्तार किये गये आप के विधायकों अमानतुल्ला खां और प्रकाश जारवाल की जमानत अर्जियों को दिल्ली की एक अदालत ने खारिज कर दिया. हालांकि मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट शैफाली बरनाला टंडन ने पुलिस को उन्हें हिरासत में लेने की अनुमति नहीं दी और कहा कि उनसे हिरासत में पूछताछ का कोई नया आधार नहीं है. अदालत ने कल विधायकों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था.
