संसद का शीतकालीन सत्र आज से, ‘ट्रिपल तलाक’ पर बिल लायेगी सरकार

नयी दिल्ली : आज से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है. मुस्लिम महिलाओं की नजर इस सत्र पर टिकी है, क्योंकि ट्रिपल तलाक से जुड़े बिल को केंद्र सरकार इसी सत्र में पास कराना चाहेगी. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त महीने में ‘ट्रिपल तलाक’ को असंवैधानिक करार दिया था और सरकार […]


नयी दिल्ली :
आज से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है. मुस्लिम महिलाओं की नजर इस सत्र पर टिकी है, क्योंकि ट्रिपल तलाक से जुड़े बिल को केंद्र सरकार इसी सत्र में पास कराना चाहेगी. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त महीने में ‘ट्रिपल तलाक’ को असंवैधानिक करार दिया था और सरकार से कहा था कि वह इसपर एक नया कानून बनाये और कोर्ट ने छह महीने के लिए ‘ट्रिपल तलाक ’ पर रोक लगा दी थी.

आज कैबिनेट की बैठक भी है, जिसमें ‘ट्रिपल तलाक’ पर नये कानून को मंजूरी मिल सकती है, उसके बाद यह बिल संसद में पेश किया जायेगा. सरकार की कोशिश होगी कि किसी भी तरह इसी सत्र में नया कानून पास हो जाये, क्योंकि कोर्ट का आदेश आये लगभग चार महीने हो चुके हैं. इस्लाम में तलाक के लिए ‘ट्रिपल तलाक’ की व्यवस्था थी, जिसके तहत विवाह का इकरारनामा समाप्त हो जाता था. लेकिन ‘ट्रिपल तलाक’ की व्यवस्था का मुस्लिम पुरुष दुरुपयो करते रहे हैं, जिसके कारण महिलाओं का बहुत शोषण होता है.

यही कारण है कि मुस्लिम महिलाएं इस व्यवस्था का विरोध करती रहीं हैं और भाजपा सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त करने की पैरवी लगातार की है. ट्रिपल तलाक के खिलाफ कोर्ट पहुंचने वाली शायरा बानो को उसके पति ने 15 साल की शादीशुदा जिंदगी के बाद वर्ष 2015 में तलाक दे दिया था. शायरा का कहना था कि यह तलाक बिलकुल गलत है और इससे महिलाओं के अधिकारों का हनन होता है. उसके पति ने उसका बहुत शारीरिक और मानसिक शोषण भी किया था. कोर्ट के फैसले के बाद शायरा बानो ने फैसले का स्वागत किया था और कहा कि मुस्लिम समाज में औरतों की स्थिति को समझा जाये और जल्दी ही एक कानून भी बने.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >